करमापा को क्लीन चिट नहीं

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Image caption करमापा लामा से पूछताछ भी हुई है

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पीके धूमल ने कहा है कि उनकी सरकार तिब्बतियों के तीसरे सबसे बड़े गुरु माने जाने वाले करमापा लामा को क्लीन चिट नहीं दे सकती.

धूमल ने कहा कि करमापा के ख़िलाफ़ जाँच केंद्रीय एजेंसियाँ कर रही हैं और विदेशी मुद्रा के मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी उनकी जाँच कर रहा है.

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उनकी सरकार करमापा को क्लीन चिट कैसे दे सकती है.

मुख्यमंत्री धूमल को ये स्पष्टीकरण इसलिए देना पड़ रहा है क्योंकि शुक्रवार को राज्य के मुख्य सचिव राजवंत संधू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि धर्मशाला के निकट करमापा के घर से जो पैसे मिले थे, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं था.

छापे

इस पर राज्य सरकार की रुख़ स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री धूमल ने कहा, "केंद्रीय एजेंसियाँ करमापा के ख़िलाफ़ जाँच कर रही हैं. करमापा को न तो क्लीन चिट दिया गया है और न ही उन्हें दोषी ठहराया गया है."

पिछले महीने पुलिस ने हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला के निकट स्थित करमापा के मठों और अन्य ठिकानों पर छापे मारे थे. जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी और भारतीय मुद्रा बरामद की गई थी. इनमें चीना मुद्रा युआन भी शामिल थी.

भारतीय अधिकारी इसका स्रोत पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. ये भी जाँच की जा रही है कि कहीं ये राशि उस नए मठ पर तो नहीं ख़र्च की जानी थी, जिसका मकसद चीन की नीतियों को बढ़ावा देना माना जा रहा है.

हालाँकि करमापा का कार्यालय इन आरोपों से इनकार करता है. करमापा के सहयोगियों का दावा है कि ये पैसा ज़मीन ख़रीदने के लिए था.

इस मामले में पाँच लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है. जिनमें दो लोग करमापा के सहयोगी हैं.

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