कलमाडी ने की जेपीसी की मांग

कलमाडी

राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की है.

अपनी इस मांग को लेकर जारी एक वक्तव्य में उन्होंने कहा, ''सरकार अगर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच जेपीसी से कराने पर रज़ामंद है तो राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी और उसके आयोजन से जुड़े मामलों की जांच भी जेपीसी को करनी चाहिए. मुझे विश्वास है कि ऐसा होने पर सच सामने आएगा.''

कलमाडी ने कहा, ''मैं इस बात के प्रमाण दे सकता हूं कि मैंने किसी भी तरह का आर्थिक लाभ नहीं उठाया है. अगर यह साबित हो जाता है कि मैंने एक पैसे का फ़ायदा भी उठाया है तो मैं संसद की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दूंगा.''

उन्होंने सवाल किया कि उन्हें इस मुद्दे पर अलग-थलग क्यों किया जा रहा है और सरकार के दूसरे विभागों से इस मामले में पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है.

'बेहद आहत हूं'

कलमाडी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए स्वीकृत किए गए बजट का बेहद कम हिस्सा ही आयोजन समिति के पास था.

उन्होंने कहा, ''आयोजन समिति के पास कुल बजट का केवल पांच फ़ीसदी था फिर भी अकेले मुझे ही घेरा जा रहा है. दिल्ली सरकार के जिन विभागों के पास 95 फ़ीसदी बजट था उनसे कोई सवाल जवाब नहीं किए जा रहे.''

कलमाडी ने कहा कि वो इस मामले से बेहद आहत हैं और राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को लेकर उनकी छवि को दाग़दार बनाने के लिए एक अभियान चालाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ''इस मामले पर हर तरफ जो कहानियां मौजूद हैं वो न सच हैं न तथ्यात्मक.''

'प्रधानमंत्री का शुक्रगुज़ार हूं'

कलमाडी ने कहा कि वो प्रधानमंत्री के शुक्रगुज़ार हैं कि उन्होंने इस मामले पर उन्हें पूरा सहयोग दिया.

सुरेश कलमाडी कांग्रेस संसदीय दल के सचिव पद से इस्तीफ़ा दे चुके है.

दिसंबर 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों में हुई कथित धांधली की जांच कर रही सीबीआई ने सुरेश कलमाडी के दिल्ली और पुणे स्थित आवासों पर छापे मारे थे.

राष्ट्रमंडल खेलों को लेकर सुरेश कलमाड़ी पर कथित तौर पर भ्रष्ट्राचार में लिप्त होने के आरोप लगे हैं.

खेलों की तैयारी के दौरान कई बार ये माँग उठती रही कि राष्ट्रमंडल आयोजन समिति के अध्यक्ष कलमाड़ी अपने पद से इस्तीफ़ा दें लेकिन कलमाड़ी ने साफ़ इनकार कर दिया था.

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