'विश्वास जीत कर बातचीत हो'

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Image caption मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि सरकार पहले कश्मीरियों का विश्वास जीते फिर बातचीत शुरू करे.

भारतीय कश्मीर की विपक्षी पार्टी पीडीपी ने श्रीनगर में एक विशाल रैली में मांग की है कि भारत सरकार कश्मीरियों का विश्वास जीतने के बाद सभी दलों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू करे.

श्रीनगर में हज़ारों की भीड़ को संबोधित करते हुए पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने भारत सरकार के सामने चार मांगे रखीं.

उन्होंने कहा की राजनीतिक क़ैदियों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए, सैनिकों में कटौती की जाए, अशांत क्षेत्र अधिनियम और सेना के विशेषाधिकारों को ख़त्म किया जाए.

उनका कहना था इन तीनों मांगों को पूरा करने के बाद सरकार एक गोलमेज़ सम्मेलन बुलाए जिसमें पृथकतावादी और मुख्यधारा से जुड़ी सभी पार्टियों को आमंत्रित किया जाए.

मुफ़्ती मोहम्मद सईद का कहना था कि विश्वास की बहाली के बाद ही बातचीत की प्रक्रिया को शुरू की जाए.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक बार फिर से युवाओं की पकड़-धकड़ कर रही है क्योंकि उन्हें आशंका है कि इन गर्मियों में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कश्मीर समस्या का स्थाई हल चाहते हैं लेकिन राज्य सरकार इसमें अवरोधक का काम कर रही है.

पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती सईद ने कहा कि ये रैली उन लोगो के साथ एकजुटता के लिए है जो 60 सालों से कश्मीर के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जो जेलों में बंद हैं.

वहीं जेकेएलएफ़ ने भी शनिवार से सांकेतिक भूख हड़ताल की शुरूआत की है जिसमें मीरवाइज़ गुट के कुछ नेता भी शामिल हुए.

जेकेएलएफ़ नेता यासिन मलिक ने कहा कि पिछले कुछ सालों में कश्मीर के लोगों ने बंदूक छोड़कर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है लेकिन अब उन्हीं पर बंदूग दागे जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को जगह मिलनी चाहिए जिससे वो फिर से हिंसा की ओर नहीं मुड़ें.”

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