काले धन के ख़िलाफ़ रामदेव की रैली

योग से रोग भगाने वाले बाबा रामदेव ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार और काले धन के ख़िलाफ़ रैली कर अपनी ताक़त का प्रदर्शन किया.

बाबा रामदेव अपनी रैली में देर से पहुंचे लेकिन उनके समर्थक देर शाम तक रामलीला मैदान में टिके रहे. इस रैली में मौजूद लोगों की संख्या किसी भी सफल राजनैतिक रैली से कम नहीं थी

बाबा रामदेव की इस रैली में समाज के कई हिस्सों से लोग मौजूद थे जिनमें पूर्व आईपीएस किरण बेदी, जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी, सूचना के अधिकार के लिए लड़ने वाले अरविंद केजरीवाल, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ने वाले अन्ना हज़ारे और वरिष्ठ वकील रामजेठमलानी शामिल थे.

प्रधानमंत्री पर निशाना

इस अवसर पर बाबा रामदेव ने कहा कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ उनकी ये मुहिम किसी व्यत्ति विशेष के ख़िलाफ़ नहीं है बल्कि पूरी भ्रष्ठ व्यवस्था के ख़िलाफ है. रामदेव ने कहा “हमारा आंदोलन उन ग़द्दारों के ख़िलाफ़ है जो देश को लूट रहें हैं. और हाँ मैं मानता हूं कि इसके लिए केन्द्र सरकार बहुत हद तक ज़िम्मेदार है.”

लेकिन उनके निशाने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी आए. बाबा रामदेव ने कहा “जो लोग सरकारें चला रहें हैं वो अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारियों को नहीं निभा रहें हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज हमें मिलने का वक़्त नहीं दिया, लेकिन हम वक़्त माँगते रहेगें. आज तक के इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार के ईमानदार प्रधानमंत्री का तमग़ा जिन्हें मिला हुआ है.”

इस मंच से माँग उठी की सरकार काले धन को वापस लाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाए.काले धन पर क़ाबू पाने के लिए पाँच माँगे भी रखी गई.

इनमें प्रमुख माँग थी की मौरिशस के रास्ते आने वाले घन पर रोक लगाई जाए, बड़े नोट वापस लिए जाँए और टैक्स चोरों को पकड़ा जाए.

बाबा रामदेव ने ये भी कहा कि वो योग सिखाते रहेंगे.

पातंजलि योग समिति की संपत्ती पर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी संपत्ती का पूरा ब्योरा सरकार के सामने रख दिया है. अब सरकार की बारी है कि वो भ्रष्टाचारियों का हिसाब जनता के समाने रखे.