लीबिया से लौटने वालों का इंतज़ार

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Image caption अब तक 1083 भारतीयों की लीबिया से वापसी हो चुकी है

लीबिया में फंसे भारतीयों को वापस लाने की कोशिशें चल रही हैं वहीं भारत में मौजूद इनके रिश्तेदार अपने परिजनों के हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं.

केरल के त्रिचूर में रहने वाले जॉनसन भी उन्हीं हज़ारों भारतीयों में से एक हैं जिनके रिश्तेदार लीबिया में फंसे हुए हैं.

जॉनसन की पत्नी शोभा केपी, बेनगाज़ी मेडिकल सेंटर में नर्स के तौर पर काम करती हैं. शोभा केपी 10 महीने पहले ही नर्स के तौर पर काम करने के लिए लीबिया गई थीं.

जॉनसन के परिवार में तीन बेटियाँ है. सबसे छोटी बेटी डेढ़ साल की है तो बड़ी बेटी ग्यारह साल की है, लेकिन आजकल इनका पूरा परिवार शोभा केपी की कुशलता को लेकर चिंतित है.

केरल में रहने वाले जॉनसन से बीबीसी के अतुल संगर ने बातचीत की.

अपनी परेशानियाँ बताते हुए जॉनसन कहते हैं, "पिछले कई दिनों से बड़ी बेटी स्कूल नहीं जा पाई है. हमेशा अपनी माँ को याद कर रोती रहती है. मेरी पत्नी से फ़ोन पर संपर्क भी नहीं हो पा रहा था कल शाम बड़ी मुश्किल से बात हो पाई."

जब से जॉनसन परिवार को खबर मिली है कि वो समुद्री जहाज़ से वापस आ रहीं है, उन्हे थोड़ी राहत मिली है.

जॉनसन ने बताया कि शोभा केपी के साथ केरल की ही 200 से ज़्यादा नर्सें फंसी हुई हैं.

वहाँ की स्थिती के बारे में पूछे जाने पर जॉनसन कहते हैं “वहाँ स्थिती बहुत खराब है, वहाँ कब क्या होगा ये किसी को नहीं पता"

हालांकि ये जहाज़ अभी तक बेनगाज़ी के बंदरगाह से रवाना नहीं हो सका है.

लीबिया में अधिकतर टेलीफ़ोन लाईन ठीक से काम नहीं कर रही है. नतीजतन वहाँ फंसे भारतीयों के रिश्तेदार उनसे संपर्क साधने में काफी कठिनाई का सामना कर रहे हैं.

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