तेलंगाना के समर्थन में 'रेल रोको' आंदोलन

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आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य को लेकर 'तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति' ने मंगलवार को 'रेल रोको' आंदोलन शुरु कर दिया है.

आंदोलन के मद्देनज़र दक्षिण मध्य रेलवे ने लंबी दूरी की लगभग 12 ट्रेनें रद्द कर दी हैं और कई अन्य ट्रेनों का समय बदला है.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के नेता एम कोडांदरम हैदराबाद के पास घटकेसम में रेल पटरी पर धरना दे रहे हैं. ये रेल मार्ग ट्रेनों को हैदराबाद से जोड़ता है.

संघर्ष समिति ने कहा है कि मंगलवार सुबह छह बजे से लेकर शाम छह बजे तक तेलंगाना क्षेत्र में कोई भी रेल गाड़ी नहीं चलने दी जाएगी.

तेलंगाना समर्थकों ने इस प्रदर्शन को 'पल्ले पल्ले पट्टाला पाइकी' यानि 'रेल की पटरियों पर गांव' का नाम दिया है.

संघर्ष समिति के नेताओं के अनुसार आंदोलन के दौरान लोग रेल की पटरियों पर बैठकर केंद्र सरकार के रवैया के प्रति अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं.

इस रेल रोको अभियान में आंध्र की लगभग सभी पार्टियां हिस्सा ले रही हैं.

'मिलियन मार्च'

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति के संरक्षक एम कोडांदरम ने रेल रोको आंदोलन के बारे में कहा, "अपनी आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए हमने कई विरोध प्रदर्शन किए. इसके बावजूद केंद्र सरकार ने तेलंगाना के गठन के लिए कोई कार्रवाई करने की कोशिश तक नहीं की. इसलिए हमने असहयोग आंदोलन शुरू किया."

संघर्ष समिति के असहयोग आंदोलन में तेलंगाना क्षेत्र के सरकारी कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं. दूसरी ओर सरकार ने कहा है कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो उनका वेतन रोका जा सकता है.

एम कोडांदरम कहते हैं कि वेतन न मिलने कि संभावनाओं के बावजूद कर्मचारी उनके साथ हैं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार पांच मार्च तक अपना जवाब नहीं देती है तो सरकारी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए भी तैयार हैं.

संघर्ष समिति ने 10 मार्च को 'हैदराबाद चलो' कार्यक्रम का आयोजन किया है.

इस कार्यक्रम के आयोजकों की उम्मीद है कि मिस्र की तर्ज पर हैदराबाद में 10 मार्च को कम से कम 10 लाख लोग जमा होंगे.

संघर्ष समिति ने हैदराबाद चलो कार्यक्रम को मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित रैली की ही तरह 'मिलियन मार्च' का नाम दिया है.

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