‘लीबिया की सेना ने लूट लिया’

Image caption साबू जोसफ़ भारत वापस लौटकर बेहद खुश हैं.

केरल के रहने वाले साबू जोसफ़ लीबिया के सबराता में बावर्ची का काम करते थे, जिसे छोड़कर अब वो वापस दिल्ली पहुँच चुके हैं.

वतन वापसी की खुशी उनके चेहरे पर साफ झलकती है. उनका कहना है कि लीबिया में लीबियाई सेना ने उन्हें लूट लिया और तीन दिन तक बंधक भी बनाए रखा. और खाने को भी नहीं मिला.

भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद वो छूट पाए. आपबीती बताते हुए साबू कहते हैं, “ फौज के लोग हमारे कैंप में आए, हमें बदूंक से मारा, बाद में हमारा फ़ोन, लैपटॉप और पैसे सब कुछ ले गए. दो दिन तक हमारे पास खाना भी नहीं था. बाद में भारतीय दूतावास के अधिकारी रात को हमें वहाँ से निकाल दूसरे स्थान पर ले गए.”

लीबिया से वापस लौट रहे लोगें के अनुभव काफ़ी अलग - अलग है. कई लोगों को ख़ास परेशानी नहीं हुई.

त्रिपोली मेडिकल सेंटर में नर्स के तौर पर काम करने वाली जिनी जॉन कहती है,“जिस तरह से त्रिपोली में गोलियाँ चलने की खबरे आती थीं ऐसा मैने कुछ नहीं सुना.हम मेडिकल सेंटर के अंदर रहते थे और हमें कोई परेशानी नहीं हुई.”

जब हमने जिनी से पूछा कि क्या वो वापस जाना चाहेगी तो उन्होने कहा, “ लीबिया में रहने वाले लोगों को नहीं पता है कि उनके साथ क्या होगा, हम कैसे बता सकते है कि हम वहाँ वापस जाएँगे या नहीं”

वहीं ऐसे लोग भी है जो बाकी लोगों के लिए परेशान है. सोनू कहते है कि उनके साथ तो कुछ ऐसा नहीं हुआ लेकिन उनके जानने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

सोनू कहते है, “ हम तो जान बचाकर लौट आए हैं. भगवान का शुक्र है हम सही सलामत लौट आए.”

बुधवार को एयर इंडिया के तीन विमानों से सोनू जैसे कुल 1045 भारतीय दिल्ली वापस लौटे हैं. अब तक कुल 2128 लोग लीबिया से वापस आ चुके हैं. वहीं कुछ लोग समुद्र के रास्ते वापस आ रहे हैं. इन परिवारों के सामने अब बड़ा सवाल है कि ज़िंदगी में अचानक आए इस बदलाव से कैसे निपटें.

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