आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या

मनरेगा (फ़ाइल)
Image caption नियामत अंसारी अपने क्षेत्र में मनरेगा में धांधली उजागर की थी.

झारखंड के लातेहार ज़िले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना यानि मनरेगा को लागू करने के लिए काम कर रहे एक आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है.

नियामत अंसारी नाम के इस कार्यकर्ता को घर से निकालने के बाद पीटा गया जिसके बाद घायल नियामत अली के अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई.

ख़बरों के अनुसार नियामत अंसारी जानेमाने अर्थशास्त्री जॉं ड्रेज़ के क़रीबी सहयोगी थे.

ड्रेज़ उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने मनेरगा का खाका तैयार किया था.

सरकार की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना ग्रामीण क्षेत्रों में ग़रीबों को एक साल में सौ दिन का काम देने की गांरटी देती है.

कहा जा रहा है कि अंसारी और ड्रेज़ ने मिलकर लातेहार के रांकीकाला इलाक़े में मनेरगा में धांधली का पर्दाफ़ाश किया था जिसके बाद मेनिका के पूर्व बीडीओ कैलाश साहू से कथित तौर पर दो लाख रुपए बरामद किए गए थे.

इस बरामदगी के बाद पुलिस में एफ़आईआर दर्ज करवाया गया था.

कुछ स्थानीय अख़बारों में नियामत अंसारी की हत्या के पीछे वामपंथी चरमपंथियों का हाथ बताया जा रहा है.

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