झोपड़पट्टी ही नहीं यादें भी जल गईं

इमेज कॉपीरइट AP

शुक्रवार रात मुंबई की कुछ झोपड़पट्टियों में ज़बरदस्त आग लगी. इस आग में एक बच्ची की झोपड़ी ही नहीं उसकी कई बेशकीमती यादें भी स्वाहा हो गईं.

इस बच्ची का नाम है रूबीना अली...ये वही लड़की है जिसने ऑस्कर विजेता फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर में काम किया था और उसे ख़ूब वाहवाही भी मिली थी.

रूबीना ने बताया है कि आग में फ़िल्म से जुड़ा यादगार सामान और निशानियाँ भी जल गईं.

शुक्रवार रात को मुंबई के बांद्रा इलाके में जहाँ आग लगी, वहीं रूबीना भी अपने परिवार के साथ एक झोपड़पट्टी में रहती है जो अब जलकर खाक हो गई है.

रूबीना ने एपी को बताया, “स्लमडॉग के लिए जो भी पुरस्कार मिले थे, फ़िल्म समारोहों से जुड़ी तस्वीरें और अख़बारों की कतरन.. सब आग की भेंट चढ़ गईं. सब कुछ ख़त्म हो गया, यहाँ तक कि मेरे अच्छे-अच्छे कपड़े भी.”

इमेज कॉपीरइट Reuters

'सब कुछ ख़त्म'

पुलिस के मुताबिक इस आग में किसी की जान नहीं गई पर 21 लोग घायल हो गए और दो हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर हो गए हैं.

रूबीना के पिता रफ़ीक अली ने बताया कि पूरे परिवार को आग लगने के बाद अपने घर से भागना पड़ा था.

एपी से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम लोग टीवी देख रहे थे जब हमने आग लगने की बात सुनी. जो भी सामान हाथ में आया उसे हम लेकर हम वहाँ से भागे. आग इतनी तेज़ी से फैली कि हम दोबारा अंदर नहीं घुस पाए.”

स्लमडॉग मिलिनेयर की कामयाबी के बाद निर्देशक डैनी बॉयल ने एक ट्रस्ट बनाया था.

इस ट्रस्ट के ज़रिए फ़िल्म के दोनों भारतीय बाल कलाकारों रूबीना और अज़हर के लिए पैसे का इंतज़ाम किया गया था ताकि वे पढ़ाई पूरी कर सकें और नए फ़्लैट में रह सकें. लेकिन रूबीना ने बताया कि उनका परिवार अभी नए मकान में रहने नहीं गया था.

जब रूबीना ने स्लमडॉग मिलियनेयर में काम किया था तब वो आठ साल की थी और ऑस्कर समारोह में फ़िल्म से जुड़े सभी बच्चे अंतरराष्ट्रीय सुर्ख़ियों में रहे थे.

संबंधित समाचार