द्रमुक के मंत्री देंगे इस्तीफ़ा

करुणानिधि
Image caption करुणानिधि का कहना है कि विधानसभा सीटों के अलावा और भी समस्याएं हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के अपील के बावजूद कांग्रेस और द्रमुक का गठबंधन टूट रहा है और द्रमुक के छह केंद्रीय मंत्री आज दिल्ली में अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री को सौंपने वाले हैं.

द्रमुक संसदीय दल के नेता टीआर बालू ने बताया कि प्रणब मुखर्जी ने रविवार रात उनसे फोन पर बातचीत की और पार्टी प्रमुख करुणानिधि से सरकार से हटने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की.

बालू का कहना था कि उन्होंने प्रणब मुखर्जी को बताया कि सरकार से हटने का फ़ैसला बहुत सोच समझकर पार्टी की सबसे उच्च स्तरीय कमिटी ने लिया है.

हालांकि बालू के अनुसार उन्होंने मुखर्जी को आश्वासन दिया कि वो उनकी बात पार्टी प्रमुख करुणानिधि तक ज़रुर पहुंचाएंगे.

हालांकि अब बालू के बयान के बाद कांग्रेस और द्रमुक के बीच गठबंधन की कोई संभावना बची नज़र नहीं आ रही है.

इस बीच यूपीए में द्रमुक के छह मंत्री दिल्ली पहुंच चुके हैं और वो जल्द ही प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंप सकते हैं.

रविवार को द्रमुक के प्रमुख एम करुणानिधि ने संवाददाताओं के सवालों के जवाब में ये संकेत भी दिए कि कांग्रेस और द्रमुक के बीच सिर्फ़ विधानसभा सीटों का ही मसला नहीं बल्कि कुछ और समस्याएं भी हैं.

उल्लेखनीय है कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में द्रमुक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा सीबीआई गिरफ़्त में हैं और सीबीआई ने कहा कि वो आने वाले दिनों में करुणानिधि की पुत्रि कनिमोई से भी पूछताछ कर सकती है.

माना जाता है कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से पहले सीबीआई के ये क़दम द्रमुक को गवारा नहीं हैं.

द्रमुक और कांग्रेस के विवाद में केंद्र सरकार आंकड़ों के गणित में भी उलझी है क्योंकि द्रमुक के 18 सांसदों के समर्थन वापस लेने से सरकार के स्थायित्व को गंभीर खतरा हो सकता है.

वर्तमान परिस्थितियों में द्रमुक और कांग्रेस के बीच विवादों का समाधान होना आसान नहीं दिखता है और ऐसे में कांग्रेस को केंद्र में सरकार चलाने के लिए जयललिता या मुलायम सिंह का सहारा लेना पड़ सकता है.

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