बस्तर सांसद बलिराम कश्यप का निधन

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Image caption बलिराम कश्यप तीन बार सांसद चुने गए

आदिवासियों के प्रखर नेता माने जाने वाले बस्तर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद बलिराम कश्यप का रायपुर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है.

वह 75 वर्ष के थे. कश्यप बस्तर से तीन बार विधायक रहे हैं और तीन बार सांसद भी रहे हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि गुर्दों और फेफड़ों में इन्फ़ेक्शन हो गया था जिसके बाद उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल में भरती कराया गया था.

गुरुवार सुबह उन्होंने अंतिम सांसें लीं. डॉक्टरों का कहना था कि उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था मगर उनकी हालत बिगड़ती चली गई.

कश्यप के निधन से राज्य में ख़ास तौर पर आदिवासी इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है. उनका अंतिम संस्कार देर शाम बस्तर में किया जाएगा. कश्यप के पुत्र केदार कश्यप छत्तीसगढ़ में रमन सिंह की सरकार में मंत्री भी हैं.

वर्ष 2009 में बलिराम कश्यप के दो बेटों तानसेन और दिनेश पर माओवादियों ने बस्तर में घात लगाकर हमला कर दिया था. इस हमले में तानसेन की मौत हो गई थी जबकि दिनेश गंभीर रूप से घायल हुए थे. हमले में बलिराम के एक और पुत्र केदार जो छत्तीसगढ़ की सरकार में मंत्री हैं बाल बाल बच गए थे.

सुबह से ही उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पर लोगों का तांता लगा रहा. मुख्यमंत्री रमन सिंह, विधान सभा के अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, विपक्ष के नेता रविन्द्र रविन्द्र चौबे सहित बड़ी संख्या में नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे.

कश्यप आदिवासियों के लोकप्रिय नेता के रूप में जाने जाते रहे हैं जो आदिवासियों के सवाल पर कभी कभी अपनी पार्टी से भी उलझ जाते थे.

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