'मिलियन मार्च' के दौरान हिंसा, सांसद भी निशाने पर

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गुरुवार को हैदराबाद में तेलंगाना के समर्थन में आयोजित 'मिलियन मार्च' हिंसात्मक मोड़ पर ख़त्म हुआ है.

हुसैनसागर झील के किनारे टेंकबंड पर जमा भीड़ का एक हिस्सा हिंसा पर उतर आया.

कार्यक्रम के अंत पर जब की बहुत सारे लोग वहां से जा चुके थे, कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और पुलिस ने जवाब में लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले फेंके.

वहां से भागते हुए लोगों ने एक सरकारी कार्यालय और एक बैंक के एटीएम को आग लगा दी. उन्होंने पुलिस के एक वाहन को भी जला डाला और एक टीवी चैनल का कैमरा पानी में फेंक दिया. पुलिस महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा की पथराव में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग हुसैनसागर झील के किनारे जमा हुए थे उन्होंने निषेध आज्ञा का उल्लंघन किया है और उनके ख़िलाफ़ क़ानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर राव ने हिंसा की निंदा की है.

कम्यूनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव के नारायणा ने हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि हैदराबाद को एक पुलिस राज्य में बदलने के कारण ही हिंसा की ये ये घटनाएँ हुई हैं.

कांग्रेस सांसद निशाने पर

हुसैनसागर झील के किनारे जमा होने वाले तेलंगाना समर्थकों ने कांग्रेस पार्टी के दो सांसदों को अपने हमले का निशाना बनाया है और आंध्र प्रदेश की कुछ अहम हस्तिओं की मूर्तियों को नष्ट कर दिया है.

पुलिस के तमाम बंदोबस्त के बावजूद हुसैनसागर के पास टैंकबंद में क़रीब 50 हज़ार लोग जमा हुए. उधर पुलिस ने कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया है.

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Image caption उस्मानिया विश्वविद्यालय के कैंपस में पुलिस और छात्रों के बीच जमकर संघर्ष हुआ.

तेलंगाना राज्य की स्थापना में देरी पर केंद्र सरकार से नाराज़ इन लोगों ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केशव राव और लोकसभा सदस्य मधु याश्की को उस समय निशाना बनाया जब ये दोनों 'मिलियन मार्च' में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे.

भीड़ ने केशव राव की कार के शीशे तोड़ डाले और उन पर चप्पल फेंकी. मधु याश्की पर भी हमला किया गया.पुलिस ने इन दोनों नेताओं को वहां से निकालने में सहायता की. प्रदर्शनकारी इस बात को भी लेकर कांग्रेस से बहुत नाराज़ है की सरकार ने 'मिलियन मार्च' को कुचलने के लिए पुलिस का उपयोग किया और एक लाख से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया. प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के सांसदों,विधायकों और मंत्रियों से कहा है की वो अपने पदों से त्यागपत्र दें या केंद्र सरकार से तेलंगाना राज्य की मांग स्वीकार करवाएं. कांग्रेस सांसद मधु याश्की ने पत्रकारों से कहा की वो और उनकी पार्टी के दूसरे सांसद तेलंगाना के लिए त्यागपत्र देने पर तैयार हैं.

कांग्रेस पर दवाब

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Image caption हैदराबाद शहर में पुलिस ने जगह-जगह पर आंसू गैस का प्रयोग किया.

उन्होंने कहा की अगर तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति कोई समयसीमा तय करती है और उसके अन्दर अगर केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य की मांग नहीं मानती है तो वो त्याग-पत्र दे देंगे.

तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर राव को भी लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा क्योंकि वो अब तक मिलियन मार्च के विषय में खामोश थे.

चंद्रशेखर राव जब 'मिलियन मार्च' के स्थान पर पहुंचे तो लोगों ने उनके ख़िलाफ़ नारे लगाए और आरोप लगाया की वो तेलंगाना के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं. गुस्से में भरे प्रदर्शनकारियों ने आंध्र क्षेत्र की कुछ ऐतिहासिक मूर्तियों को भी अपने गुस्से का निशाना बनाया. इनमें कृष्ण देवराया,पिंगली वेंकैया,जोशुआ, प्रकाशम् पन्तुलु की मूर्तियाँ शामिल थीं. साथ ही तेलंगाना समर्थकों ने दो ऐसे टीवी चैनलों के वाहनों को नुकसान पहुंचाया जो तेलंगाना विरोधी समझे जाते हैं. गुरुवार के सफल प्रदर्शन के बाद ऐसा लगता है की कांग्रेस राज्य और केंद्र सरकारों पर दबाव बढ़ेगा की वो तेलंगाना की समस्या को सुलझाने के लिए जल्द ही कोई कदम उठाएं.

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