भारतीय नौसेना ने पकड़े 61जलदस्यु

सोमालियाई जलदस्यु इमेज कॉपीरइट indian navy

भारतीय नौसेना ने सोमवार को अरब सागर में भारतीय तट से पश्चिम में लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी पर समुद्री डाकुओं के जहाज को रोक 61 जलदस्युओं को पकड़ लिया है, साथ ही उनकी कैद से 13 लोगों को छुड़ा लिया है.

भारतीय नौसेना के दो युद्धपोतों आईएनएस कालपेनी और आईएनएस खुखरी के ऑपरेशन में ये सफलता हाथ लगी है.

डाकुओं के जहाज की पहचान वेगा-5 के तौर पर की गई है.

बचाए गए नाविकों और पकड़े गए जलदस्युओं को मुंबई और कोच्चि लाया जा रहा है.

भारत ने पहले ही जलदस्युओं के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के अपने नियमों में बदलाव किए हैं.

शुक्रवार को किए गए इन बदलावों से नौसेना की आक्रामक कार्रवाई के क्षेत्र को बढ़ा दिया गया था.

दरअसल एक बाद एक भारतीयों के अपहरण के बाद भारत सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा था.

सरकार पर दबाव

हाल में क़रीब सात महीने पहले अगवा किए गए भारतीय नाविकों के मामले पर भारतीय संसद में हंगामा हुआ था.

इस पर भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि भारत सरकार को नाविकों की सुरक्षा की चिंता है और इस संबंध में सरकार हरसंभव कोशिश करेगी.

इसके पहले फ़रवरी में लक्षद्वीप के पास भारतीय नौसेना और कोस्टगॉर्ड 28 सोमालियाई जलदस्युओं को पकड़ लिया था.

इन लुटेरों ने मछली पकड़ने वाली एक भारतीय नाव को अगवा कर लिया था. पकडे़ जाने से पहले इन लुटेरों और भारतीय नौसेना व कोस्टगार्ड के साथ गोलीबारी भी हुई थी.

अमरीका अधिकारी भी मानते हैं कि सोमालिया के जलदस्यु अत्यंत संगठित रुप से काम कर रहे हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की सहयोगी डोना हॉपकिंस ने बीबीसी को बताया कि पिछले साल जलदस्युओं को फिरौती में छह करोड़ डॉलर की राशि दी गई जिसका एक बड़ा हिस्सा लुटेरों को मिला है.

इस फिरौती का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क को भी जाता है.

डोना हॉपकिंस का यहां तक कहना था कि ये एक बेहद जटिल समस्या है और इसे समाप्त करना अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना से भी ज़्यादा कठिन काम है.

स्थिति ये है कि सोमालिया के जलदस्युओं से दुनिया भर के व्यवसायी दहशत में हैं.

संबंधित समाचार