भीड़ ने थाना प्रभारी को ज़िंदा जलाया

राजस्थान के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को राज्य के सवाई माधोपुर ज़िले में भीड़ ने एक थाना प्रभारी को ज़िंदा जला दिया.

राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह ने बताया, “एक युवक पानी की टंकी से कूद गया था, जब थाना प्रभारी फूल मुहम्मद घटनास्थल पर पहुँचे तो उग्र भीड़ ने उनकी कार में आग लगा उन्हे ज़िदा जला दिया दिया.”

हत्या के एक मामले में पुलिस कार्रवाई न किए जाने के विरोध में एक युवक ने पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद घटनास्थल पर भीड़ इक्कठा हुई थी.

भीड़ ने पुलिस पर पत्थराव भी किया जिसमें 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

पुलिस ने बताया कि सुदवाल गाँव में 25 फरवरी को लूट की एक वारदात हुई थी जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी. इस महिला के दोनों पैर भी काट दिए गए थे. इस घटना के बाद कोई भी गिरफ़्तारी नहीं हुई थी.

ये दो युवक अपराधियों की गिरफ़्तारी की माँग करते हुए पानी की टंकी पर चढ़ गए थे जिनमें से एक राजेश मीणा ने टंकी से छलांग लगा दी और उसकी मौत हो गई.

इसके बाद जब थाना प्रभारी फूल मुहम्मद घटनास्थल पर पहुँचे तो भीड़ ने उनकी कार में आग लगा दी.

पुलिस का कहना है कि घटना के बाद स्थिति काबू में है लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है .

इस घटना के बाद देर रात राजस्थान सरकार ने थाना प्रभारी फूल मुहम्मद को शहीद घोषित करते हुए उनके परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

सरकार ने घोषणा की है कि फूल मुहम्मद का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा और उनके नाम पर एक स्कूल भी शुरु किया जाएगा.

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