रेल जाम समाप्त करने का फ़ैसला

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सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाट समुदाय के नेताओं ने कहा है कि उन्होंने रेल चक्का जाम अभियान समाप्त करने का फ़ैसला किया है. पर साथ ही कहा है कि आरक्षण की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा.

जाट समुदाय के नेताओं ने कहा है कि वो रेल जाम समाप्त कर रहे हैं लेकिन अगर उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो वे अभियान फिर से शुरु करेंगे.

आंदोलन के कारण मुरादाबाद-दिल्ली रेल लाइन दो हफ़्ते से बंद पड़ी थी. दर्जनों रेलगाड़ियाँ बंद होने से लाखों यात्री होली के मौक़े पर परेशान हैं.

शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक असाधारण कदम उठाते हुए मायावती सरकार से कहा था कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के पास रेल लाइन को जाट आंदोलनकारियों से फ़ौरन खाली कराए.

कोर्ट ने कहा था कि उनका जाट आंदोलन से ज़्यादा लेना-देना नहीं है और उनका मतलब सिर्फ़ इस बात से है कि आंदोलन के लिए रेल लाइन जाम करना पूरी तरह से अवैध है.

अदालत का कहना था कि रेल यातायात जाम करना पूरी तरह से ग़ैरक़ानूनी है और इसके कारण रोज़ 60 से ज़्यादा ट्रेनें रद्द करनी पड़ रही हैं और दर्जनों गाड़ियों के रूट बदले जा रहे हैं जिससे रोज़ लाखों लोगों को परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं.

जाट समुदाय पिछड़े वर्गों के तहत आरक्षण चाहता है और उनके आंदोलन को मुख्यमंत्री मायावती का समर्थन हासिल है.

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