लीबिया: हवाई हमलों से नाखुश है भारत

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Image caption कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा है कि इन हमलों के खिलाफ़ लीबियाई लोगों को हथियारों से लैस किया जाएगा.

भारत ने लीबिया में अमरीकी और यूरोपीय देशों की सेनाओं की ओर से जारी हवाई हमलों की निंदा की है और कहा है इससे आम नागरिकों के लिए और मुश्किलें पैदा होंगी.

अमरीका और ब्रिटेन की सेनाओं ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली और प्रमुख शहर मिसराता के आसपास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए सौ से ज़्यादा क्रूज़ मिसाइलें दागी हैं.

लीबिया पर 'नो फ़्लाई ज़ोन' लागू करने और वहाँ के नागरिकों को कर्नल गद्दाफ़ी की फ़ौज के हमलों से बचाने के मक़सद से पारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के बाद ये शुरुआती सैन्य कार्रवाई है.

'और न बढ़ें मुश्किलें'

इस कार्रवाई पर खेद ज़ाहिर करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा,''लीबिया में जारी संघर्ष की स्थिति को लेकर भारत चिंतित है. जैसा कि हमने पहले कहा था इस तरह के प्रयास स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश करें न कि आम नागरिकों के लिए मुश्किलें और बढ़ाएं.''

विदेश मंत्रालय ने कहा, '' भारत उम्मीद करता है कि इससे लीबिया के बेगुनाह नागरिकों, वहां रह रहे विदेशी नागरिकों और कूटनीतिज्ञों के लिए मुश्किलें पैदा नहीं होंगी.''

बातचीत की अपील

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सभी पक्षों से अपील करता है कि वो हिंसक तरीकों के इस्तेमाल से बचें और क्षेत्रिय दलों के साथ बातचीत के ज़रिए मामले को सुलझाएं.

इससे पहले भारत की विदेश स चिव निरुपमा राव ने ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा था, ''मैंने त्रिपोली स्थित भारतीय राजदूत अंब मनीमेकलई से बात की है. वो शांत और स्थिर हैं. हालांकि शनिवार रात हर तरफ हवाई हमलों और लड़ाकू जेट विमानों की आवाज़ गूंजती रही.''

इस बीच लीबिया में हो रहे हमलों को लेकर राष्ट्रीय टेलीविज़न पर प्रसारित एक संदेश में कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा है कि लीबियाई लोगों को हथियारों से लैस किया जाएगा ताकि 'उपनिवेशी ताकतों' का सामना किया जा सके.

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