कांग्रेस-तृणमूल कांग्रेस में हुआ समझौता

Image caption ममता बेनर्जी ने शुक्रवार को ही एकतरफ़ा फ़ैसला लेते हुए 228 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की घोषणा की थी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच आज आखिरकार समझौता हो गया है.

इस समझौते के तहत पश्चिम बंगाल विधानसभा की­ कुल 294 सीटों में से कांग्रेस पार्टी 65 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि तृणमूल कांग्रेस बाकी बची 229 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

इस समझौते की घोषणा करते हुए कांग्रेस पार्टी के शकील अहमद ने कहा “लेफ्ट फ्रंट विरोधी पार्टियाँ चाहती है कि पश्चिम बंगाल से लेफ्ट फ्रंट की सरकार चली जाए. इस समझौते से उस आशा को बल मिला हैं. अब पश्चिम बंगाल से लेफ्ट फ्रंट सरकार की समाप्ति का समय आ गया हैं.”

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पार्टी के साथ चल रही खींचतान के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ही एकतरफ़ा फ़ैसला लेते हुए 228 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की घोषणा की थी.

ममता बनर्जी के इस एकतरफ़ा फ़ैसले से नाराज़ कांग्रेस ने कहा था कि अगर बात नहीं बनी तो वह पंसदीदा सीटों पर स्वतंत्र तौर पर भी चुनाव लड़ सकते है.

मतभेद

शुक्रवार को कोलकाता में पत्रकार वार्ता में उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए ममता बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा था कि अगर कांग्रेस 64 सीटों पर उम्मीदवार खड़े नहीं करती है तो उनकी पार्टी सोमवार को अपने प्रत्याशी खड़े कर देगी.

उनका कहना था, “मैने देर रात तक कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत की थी और उस समय तक जो सहमति बनी थी उसी के आधार पर मैने सूची जारी की है.”

रेल मंत्री ने कांग्रेस की और समय की माँग की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने काफ़ी इंतज़ार कर लिया है. ममता बनर्जी का कहना था कि वैसे ही बहुत कम समय बचा है और चुनाव संबंधी बाकी औपचारिकताएँ भी पूरी करनी हैं.

वहीं दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता जनार्धन द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में गठबंधन चाहती है लेकिन सीटों को लेकर और बातचीत की ज़रूरत है.

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