भाजपा लाएगी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

सुषमा स्वराज
Image caption भाजपा के अनुसार प्रधानमंत्री ने सदन को गुमराह किया है.

भारतीय जनता पार्टी मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी.

भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री ने जुलाई 2008 में लाए गए विश्वास मत के बारे में सदन को गुमराह किया है.

पार्टी के प्रवक्ता शहनवाज़ हुसैन ने सोमवार को कहा,"भाजपा प्रधानमंत्री के इस दावे के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी कि जुलाई 2008 में विश्वास मत के दौरान सांसदों को घूस नहीं दी गई थी. पिछले हफ़्ते प्रधानमंत्री ने सदन को बताया था कि कोई घूस नहीं दी गई थी लेकिन किशोर चंद्र देव समिति ने साफ़ तौर पर कहा है कि घूस दी गई थी."

सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने भी भाजपा पर पलटवार करते हुए घोषणा की है कि वो लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी. पार्टी ये प्रस्ताव स्वराज पर प्रधानमंत्री के सदन में विकीलीक्स के ज़रिए सामने आए दस्तावेज़ों पर दिए गए बयान के बाद सफ़ाई मांगने की कोशिश करने के लिए लाया जाएगा.

संसदीय नियमों के अनुसार जब कोई मंत्री या प्रधानमंत्री लोकसभा में विपक्ष की मांग पर अपना बयान देता है तो उसपर सफ़ाई नहीं मांगी जा सकती. इसका प्रावधान केवल राज्यसभा में है.

उधर एनडीए मंगलवार को लोकसभा में नियम 193 के तहत इस मुद्दे पर बहस की मांग करेगा.

शहनवाज़ हुसैन ने कहा, "भाजपा की ओर से सुषमा स्वराज और यशवंत सिन्हा और जेडी(यू) की तरफ़ से शरद यादव नियम 193 के तहत बहस की मांग करेंगे. अगर सरकार लोकसभा की कार्यवाही चलाना चाहती है तो उसे सदन के शुरू होते ही इस मांग को मान लेना चाहिए."

नियम 193 के तहत बहस के बाद सदन में वोटिंग का प्रवधान नहीं है.

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