'जनादेश बचाव की दलील नहीं हो सकती'

Image caption भाजपा प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाई है.

भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकसभा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बुधवार को लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि जनादेश बचाव की दलील नहीं हो सकता.

भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री ने जुलाई 2008 में लाए गए विश्वास मत के बारे में सदन को गुमराह किया है.

सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री से सवाल किया “अगर जनादेश से सारे अपराध समाप्त हो जाते हैं तो गुजरात के गोधरा कांड के बाद नरेंद्र मोदी के दो-दो चुनाव जीत जाने के बाद भी आप उस केस को समाप्त क्यों नहीं करते.”

कभी किसी सांसद को रिश्वत नहीं दी: मनमोहन सिंह

सुषमा स्वराज ने कहा कि हम इस सिद्धांत को नहीं मानते और इसलिए हमने कभी इस तरह का तर्क नहीं दिया कि हम चुनाव जीत गए हैं इसलिए हमें बरी हो जाना चाहिए.

सुषमा स्वराज ने पर्धानमंत्री मनमोहन सिंह को चुनावों में मिली जीत का तर्क नकार दिया.

सुषमा स्वराज ने कहा कि 1984 के सिख दंगों के बाद काग्रेंस को 400 से ज़्यादा सीटें मिली थी. सुषमा स्वाराज ने सवाल किया कि क्या 400 सीटें जीत लेने के बाद कांग्रेस पर लगा सिंह दंगों के दाग धुल गया.

सुषमा स्वराज ने कहा “मुझे हैरानी होती है कि प्रधानमंत्री जी ऐसे तर्क दे रहे हैं और सत्ता पक्ष के लोग उसपर मेज़ थपथपाते हैं.”

सुषमा स्वराज ने कहा “अगर सरकार बचाने के लिए काम हो रहा था और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस बात से अवगत नहीं थे तो भी वो इस मामले में दोषी हैं, क्योंकि अपराध करने वाला जितना ज़िम्मेदार होता है उस अपराध का माल खानेवाला भी उतना ही दोषी होता है.”

सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानंत्री अपनी भलमनसाहत का ठीकरा दूसरों के सर फोड़ते है. चाहे वो मंहगाई हो, टू जी घोटाला हो या राष्ट्रमंडल घोटाला. प्रधानमंत्री जी सरकार के मुखिया है इसलिए जवाबदेही भी प्रधानमंत्री जी की बनती है.

सीपीआई के गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विकीलिक्स पर दिए अपने बयान में चुनाव के नतीजों पर बहुत अधिक ज़ोर दिया है. इस बयान से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कोई मान नहीं बढ़ा है.

गुरुदास दास गुप्ता ने कहा “ प्रधानमंत्री का चुनावी नतीजों पर ज़्यादा ज़ोर देना शक पैदा करता है. मुझे ये लगता है कि प्रधानमंत्री ये बयान देकर साबित करना चाहते है कि ताकतवर ही हमेशा ठीक होता है.”

गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि ज़ोर की बात हमेशा कमज़ोर लोग करते हैं. जो ताकतवर होता है वो ही समझाने की बात करता है.

उन्होने कहा कि इस मतदान के दौरान 19 सांसद मौज़ूद नहीं थे जिससे ये शक पैदा होता है कि एक व्यवस्थित राजनैतिक अपराधियों का समूह इस काम में लगा हुआ था.

जवाब

इस बहस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने कहा कि विपक्ष को ये ग़लतफहमी है कि वो जो कहते हैं वो ही सही है.

पवन बंसल ने संसद रिश्वत कांड की जांच के लिए बनी समिति का हवाला देते हुए कहा इसी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस स्टिंग की रुपरेखा सुधीन्द्र कुलकर्णी ने ही रची थी.

पवन बंसल ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री और जूलियन असांज को एक तराजू में कैसे तौल सकता है.

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि उन्हे ये उम्मीद नहीं थी कि विपक्ष सिख दंगो का जिक्र आज की बहस में कर सकता है जब प्रधानमंत्री खुद सदन के पटल पर माफ़ी माँग चुके हैं.

पवन बंसल ने कहा," विपक्ष अक्सर सत्ता पक्ष पर पत्थर फेंकता है और इनकी कौशिश होता है कि इन पत्थरों से विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच एक पुल बनाया जा सके.

उन्होने कहा कि विपक्ष एक दूतावास अधिकारी की रिपोर्ट को सबूत मानता है. पवन बंसल ने विपक्ष से सवाल किया किया क्या उन्होंने इन तथ्यों को सत्यापित करने की कोशिश की.

इस बहस पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देर शाम बयान देंगे.

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