पिता को छुड़ाने के लिए आत्मदाह

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Image caption क़र्ज़ के बोझ से तंग आकर भारत में हर साल हज़ारों किसान आत्महत्या कर लेते हैं.

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले में एक युवक वेद प्रकाश पाण्डेय उर्फ गुड्डू ने क़र्ज़ में डूबे अपने पिता को क़ैद से रिहा कराने के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट के घर के सामने आत्म दाह करके जान दे दी.

ज़िला मजिस्ट्रेट राम बहादुर ने बीबीसी को बताया कि अतिरिक्त ज़िला मजिस्ट्रेट विवेक पांडे को मामले की जांच सौंपी गई है.

युवक के पिता दारोग़ा बाबू पाण्डेय ने स्टेट बैंक से ट्रैक्टर के लिए क़र्ज़ ले रखा था.

क़र्ज़ की कि़स्तें अदा न करने पर बैंक ने दिसंबर 2009 में लगभग तीन लाख रूपये की वसूली का काग़ज़ राजस्व विभाग यानि तहसील को दिया.

तहसील अधिकारियों ने अगस्त 2010 में क़र्ज़दार दारोग़ा बाबू पाण्डेय को गिरफ़्तार कर लिया . इसके बाद उन्होंने 1000 रूपये नक़द और एक लाख का चेक दिया , लेकिन बैंक में पैसा न होने से चेक लौट आया.

क़र्ज़ अदा न करने पर नियमानुसार तहसील को वसूली के लिए निर्देश दिए गए थे . इसी आधार पर तहसील के अफ़सरों ने कुछ दिन पहले क़र्ज़दार दारोग़ा बाबू को फिर हिरासत में लिया. इस पर परिवार ने फिर कुछ धनराशि नक़द देने की पेशकश की , लेकिन उन्हें रिहा नही किया गया.

क़र्ज़दार के पुत्र वेद प्रकाश ने तहसील अधिकारियों से मिलकर बाप को रिहा करने और क़र्ज़ अदा करने के लिए मोहलत मांगी , लेकिन उस पर ध्यान नही दिया गया. तब उसने ज़िला मैजिस्ट्रेट का ध्यान आकर्षित करने के लिए उनके आवास के सामने मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा ली.

अधिकारियों का कहना है कि उसने तेल ज़्यादा छिड़क लिया था , इसलिए तुरंत मेडिकल सहायता मिलने के बावजूद उसे बचाया नही जा सका.

युवक विवेक पांडे ने रविवार को मिट्टी का तेल छिडककर आत्मदाह किया और लखनऊ अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई.

इसके बाद ज़िला प्रशासन ने मानवीय आधार पर उसके पिता को रिहा कर दिया.

ज़िला प्रशासन का कहना कि मृत युवक के पिता भारत संचार निगम में कर्मचारी हैं और वह चिट फंड कंपनी भी चलाते हैं. इस व्यवसाय को लेकर भी उनकी देनदारी है.

लेकिन एक स्थानीय पत्रकार का कहना है कि यह असल मुद्दे को भटकाने का प्रयास है.

पत्रकार के अनुसार राजस्व विभाग बड़े बड़े बक़ायेदारों पर तो कार्यवाही नही करता , लेकिन किसानों पर उत्पीडन की कार्यवाही की जाती है और बेइज्ज़ती बर्दाश्त ने होने के कारण युवक ने आत्मदाह कर लिया.

भारतीय जनता पार्टी नेता सत्यदेव सिंह ने ज़िला मजिस्ट्रेट से मिलकर विरोध दर्ज कराया है.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने एक बयान में घटना की निंदा करते हुए कहा कि क़र्ज़ वसूली के लिए उत्पीडन की कार्यवाही के कारण एक ग़रीब युवक ने आत्मदाह करके जाना दे दी और प्रशासन मूक दर्शक बना रहा.

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