उत्तर प्रदेश में कुछ और सड़कों पर देना होगा टोल टैक्स

टोल टैक्स
Image caption महंगाई की मार झेल रही जनता को अब सड़क पर चलने के लिए भी टैक्स देना होगा.

उत्तर प्रदेश की जनता को 21 और सड़कों पर चलने के लिए टोल टैक्स देना होगा.

मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया.

राज्य सरकार ने बताया कि कुल 2314 किलोमीटर लंबे राजमार्गों का उच्चीकरण और मरम्मत कार्य निजी कंपनियों की मदद से कराया जाएगा और उन्हें टोल टैक्स से ख़र्च वसूलने का अधिकार होगा.

एक और ग़ौरतलब बात यह है कि टोल टैक्स तो निजी कंपनी वसूलेगी जबकि ज़मीन अधिग्रहण,सर्विस लेन तथा जन सुविधा आदि का निर्माण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा. सड़क निर्माण में आने वाले ख़र्च का 20 फीसदी केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाएगा.

इससे पहले जी टी रोड समेत कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह व्यवस्था लागू की गई है, जिसे लेकर कई जगह स्थानीय लोगों में असंतोष है,विशेषकर वहाँ जहां स्थानीय ग्रामीण जनता के लिए अलग सर्विस रोड नही बनाई गई हैं.

कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यह व्यवस्था भारत सरकार द्वारा बनाई गई राष्ट्रीय नीति के तहत की जा रही है.

जिन 21 राजमार्गों को टोल टैक्स व्यवस्था के तहत लाया जाएगा उनमें दिल्ली–सहारनपुर-यमुनोत्री मार्ग, वाराणसी–शक्तिनगर मार्ग, बरेली–अल्मोड़ा– बागेश्वर मार्ग, अकबरपुर–जौनपुर–मिर्जापुर–दुद्धी मार्ग, पलिया-शाहजहांपुर–हरदोई–लखनऊ मार्ग, उतरौला–मनकापुर–नवाबगंज मार्ग, मेरठ–करनाल मार्ग , गोरखपुर –महाराजगंज मार्ग, बस्ती–मेंहदावल कप्तानगंज–तमकुही मार्ग , मुरादाबाद चंदौसी बदायूं रोड, फरेंदा–नौगढ़ जरवल मार्ग, गर्द मेरठ बागपत सोनीपत मार्ग , बुलंदशहर–सयाना–गढ़ मार्ग शामिल हैं.

इनके अलावा इटावा–मैनपुरी मार्ग , अलीगढ–मथुरा मार्ग , एताः तुन्द्लामार्ग , एटा–शिकोहाबाद मार्ग , वाराणसी–भदोही गोपीगंज मार्ग , तादिघट बारा मार्ग तथा मुजाफ्फर्नगर–सहारनपुर वाया देवबंद मार्गों का विस्तार एवं मरम्मत भी सार्वजनिक–निजी सहभागिता के आधार पर कराया जाएगा.

मगर कैबिनेट सचिव इन सवालों के स्पष्ट उत्तर नही दे पाए कि इन इलाकों के प्रभावित लोगों से इस सम्बन्ध में राय मशविरा लिया गया अथवा नहीं.

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