भारत की 15वीं जनगणना की मुख्य बातें

भारत की जनगणना
Image caption गत दस वर्षों में भारत की जनगणना की विकास दर 17.6 रही.

भारत की 15वीं जनगणना के प्रारंभिक आंकड़े दिल्ली में जारी किए गए हैं. आइए नज़र डालते हैं इन जनगणना के मुख्य बिंदुओं पर:-

- भारत का क्षेत्रफल पूरी दुनिया के क्षेत्रफल का 2.4 फीसदी है लेकिन विश्व की कुल आबादी की तुलना में 17.5 फीसदी लोग भारत में रहते हैं. पिछली जनगणना में ये आंकड़ा 16.8 प्रतिशत था.

- भारत की मौजूदा आबादी 1 अरब 21 करोड़ है.

- 2001 से 2011 में भारत की जनसंख्या 17.6 प्रतिशत की दर से 18 करोड़ बढ़ी है.

- ये वर्ष 1991-2001 की वृद्धि दर, 21.5 प्रतिशत, से करीब 4 प्रतिशत कम है.

- भारत और चीन की आबादी का अंतर दस साल में घटकर 23 करोड़ 80 लाख से 13 करोड़ 10 लाख रह गया है.

- जनसंख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है जहां देश की कुल जनसंख्या के 16 प्रतिशत लोग रहते हैं.

- सभी राज्यों की आबादी बढ़ी है. सिर्फ नगालैंड ने ऋणात्मक विकास दर्ज किया है.

- 1911 के दशक के बाद से ये पहला मौका है जब पिछले दशक के मुकाबले में 2011 की जनसंख्या में सबसे कम लोग जुड़े हैं.

- कुल आबादी में बच्चो का प्रतिशत गिरा है, यानि देश में उर्वरता कम हुई है.

- देश का कुल लिंगानुपात 1971 से अबतक के सबसे ऊंचे स्तर 940 पर पहुंच गया है.

- ये साल 2001 से 7 प्वाइंट का इज़ाफा है.

- बच्चों का लिंगानुपात घटा है, ये स्वतंत्र भारत के सबसे निचले स्तर पर है.

- पंजाब और हरियाणा में पिछले दशक में लिंगानुपात बढ़ा है लेकिन ये अब भी पूरे देश में सबसे कम है.

- हरियाणा के झज्झर ज़िले में ये 774 है.

- भारत में साक्षरता की दर 10 प्रतिशत बढ़कर करीब 74 प्रतिशत हो गई है.

- पिछले दस सालों में पुरुषों के मुकाबले करीब 24 लाख महिलाएं ज़्यादा साक्षर हुई हैं.

- बिहार और अरुणाचल प्रदेश में राज्यों में सबसे कम साक्षरता है.

- कुल आबादी के मुताबिक उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है.

- राजधानी दिल्ली में प्रति वर्ग किलोमीटर सबसे ज़्यादा, 11 हज़ार लोग रहते हैं.

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