मायावती ने लिया मंत्रियों का इस्तीफ़ा

मायावती
Image caption मायावती सरकार बराबर विवादों में घिरी रही है

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने भ्रष्टाचार और अनिमितताओं के आरोपों के चलते अपने दो मंत्रियों का इस्तीफ़ा ले लिया है.

प्रदेश के मुख्य सचिव शशांक शेखर सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री अनंत मिश्रा और परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुश्वाहा का त्यागपत्र मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुका है.

प्रदेश के प्रमुख सचिव परिवार कल्याण प्रदीप शुक्ला को भी उनके पद से हटा दिया गया है

उनका कहना था कि मुख्य मंत्री ने इसे राज्यपाल की मंज़ूरी के लिए आगे भेज दिया है.

हालांकि मुख्य सचिव ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने अपनी स्वेच्छा से इस्तीफ़ा दिया है.

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट सचिव के अनुसार मुख्यमंत्री ने यह कड़ी कार्यवाही हाल ही में लखनऊ के चीफ मेडिकल अफ़सर डाक्टर बी पी सिंह की हत्या के बाद विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद की.

इस हत्याकांड में सत्तारूढ़ दल से जुड़े जौनपुर निवासी एक सांसद , प्रदेश के एक विधान परिषद सदस्य और एक मंत्री का नाम चर्चा में था.

इन सभी नेताओं को मुख्यमंत्री का करीबी बताया जाता है . इसलिए कई प्रेक्षक मामले के लिए सीधे मुख्यमंत्री मायावती को जिम्मेदार बताने लगे थे.

दोनों मंत्रियों के इस्तीफ़े इत्तेफाक़ से उसी दिन आए है जिस दिन भारतीय जनता पार्टी ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान मायावती सरकार पर दो लाख चौवन हज़ार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया.

माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी सरकार पर लग रहे आरोपों के चलते ही राज्य के दो मंत्रियों को हटाने का निर्णय लिया है. हालांकि औपचारिकता के नाते बताया यही जा रहा ही कि दोनों मंत्रियों ने नैतिकता के आधार पर स्वेच्छा से त्यागपत्र सौंपा है.

भाजपा नेता किरीट सोमाया ने गुरूवार को मायावती सरकार की 100 घोटालों की एक सूची जारी की है.

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