शनिवार को समझौते की उम्मीद

अन्ना हज़ारे इमेज कॉपीरइट Reuters (audio)

लोकपाल विधेयक को लेकर आमरण अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे ने कहा है कि उन्होंने अपना मसौदा सरकार को भेज दिया है और शनिवार को उन्हें सरकार की ओर से इसका जवाब मिलेगा.

उन्होंने कहा कि इस बीच उनका अनशन जारी रहेगा. अन्ना हज़ारे ने कहा कि अगर मसौदे में कुछ कमी हुई तो वे झुकेंगे नहीं.

इससे पहले अन्ना हज़ारे की ओर से केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल, स्वामी अग्निवेश और किरण बेदी ने कहा है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है.

पत्रकारों के साथ बातचीत में स्वामी अग्निवेश ने कहा, "हमने सरकार को अपना मसौदा किया था. अब सरकार की ओर से हमें मसौदा मिला है."

दूसरी ओर शुक्रवार शाम को अन्ना हज़ारे ने कहा था कि संयुक्त समिति में नागरिक समाज और सरकार के आधे-आधे सदस्यों को लेकर सहमति हो गई है.

अन्ना हज़ारे ने बताया कि सरकार ने जो प्रस्ताव रखे हैं, उसके मुताबिक़ वे नागरिक समाज का चेयरमैन रखने की बात मान गए हैं लेकिन उनका कहना है कि इस समिति में कोई मंत्री नहीं रहेगा, सिर्फ़ सचिव ही रहेंगे.

जंतर-मंतर पर लोगों को संबोधित करते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा, "हम नहीं चाहते कि समिति में कोई मंत्री नही रहे क्योंकि जब मसौदा कैबिनेट में जाएगा, तो वे मना कर सकते हैं."

अन्ना हज़ारे ने कहा कि उनकी मांग है कि समिति में पाँच मंत्री रहें और नागरिक समाज के पाँच लोग होंगे.

उन्होंने कहा, "समिति में हमारे पाँच लोग भी होंगे. उनके एक चेयरमैन के अलावा हमारा एक सह चेयरमैन होगा. इसके बाद शासकीय आदेश निकाल दिया जाए."

हालाँकि अन्ना हज़ारे ने स्पष्ट कर दिया कि वे सरकार के सामने झुक नहीं रहे. उन्होंने कहा- सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं. उन्होंने कहा कि ये जनता की आवाज़ है, अन्ना की आवाज़ नहीं.

अन्ना हज़ारे ने कहा, "जनता की आवाज़ आपके कानों तक आई है. आप बहरे बनकर आओगे तो जनता ही सबक सिखाएगी. ये विधेयक बन कर रहेगा. हमने बलिदान की तैयारी कर रखी है."

उन्होंने उम्मीद जताई कि शनिवार तक सरकार का दिमाग़ पूरी तरह जगह पर आ जाएगा.

अन्ना हज़ारे ने कहा, "घबराने की कोई आवश्यकता नहीं. अनशन को चार दिन हो गए हैं और छह दिनों तक कुछ नहीं होगा. आपका जो उत्साह है. मुझे और प्रेरणा मिल रही है, ऊर्जा मिल रही है."

उन्होंने जनता से अपील की कि वे आंदोलन की आग को कभी बुझने नहीं दें. क्योंकि असंख्यक प्रश्न है. लोकपाल के बाद भी हमारे सामने कई प्रश्न हैं, जिनके बारे में सोचना पड़ेगा.

दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने कहा कि अन्ना हज़ारे की कुछ मांगें ग़ैरवाजिब हैं.

दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "सरकार ऐसी कोई परंपरा की शुरुआत नहीं कर सकती, जिसमें नागरिक समाज के किसी व्यक्ति को किसी समिति का अध्यक्ष बन जाए और कोई मंत्री उसके अधीन काम करे."

उन्होंने कहा कि आप नारों के ज़ोर पर हुकूमत नहीं चला सकते. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कल अगर कोई और ऐसी मांग करेगा, तो सरकार क्या करेगी.

इस बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अन्ना हज़ारे ने अपील की है कि वे अपनी भूख हड़ताल ख़त्म कर दें. प्रणब मुखर्जी ने अन्ना हज़ारे को अनौपचारिक समिति में शामिल होकर लोकपाल विधेयक तैयार करने में मदद करने का न्यौता भी दिया.

लेकिन सरकार और अन्ना हज़ारे समर्थकों के बीच मसौदा तैयार करने के लिए संयुक्त समिति के गठन पर अधिसूचना को लेकर अब भी मतभेद क़ायम है.

अन्ना हज़ारे ने कहा है कि अगर लोकपाल विधेयक पर सहमति नहीं बनती तो 12 अप्रैल से जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा.

मांग ख़ारिज

शुक्रवार को केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने अधिसूचना जारी करने की हज़ारे समर्थकों की मांग को ठुकरा दिया. उन्होंने इस मांग को ठुकरा दिया कि नागरिक समाज के प्रतिनिधियों में से किसी को समिति का चेयरमैन बनाया जाए.

पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, "अधिसूचना को लेकर सरकार के पक्ष में कोई बदलाव नहीं आया है. ज़्यादा से ज़्यादा क़ानून मंत्रालय की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी किया जा सकता है."

दूसरी ओर अन्ना हज़ारे के अनशन के पक्ष में लगातार समर्थन बढ़ रहा है. शुक्रवार को अन्ना के साथ मंच पर खई नामी-गिरामी चेहरे नज़र आए.

फ़िल्म कलाकार अनुपम खेर, प्रीतीश नंदी, योगगुरु बाबा रामदेव, संगीतकार विशाल, अभिनेता टॉम अल्टर ने दिल्ली आकर अन्ना हज़ारे से मुलाक़ात की और उनके अनशन के प्रति अपना समर्थन जताया.

बाबा रामदेव ने वहाँ मौजूद लोगों की भीड़ को संबोधित किया और मेरा रंग दे बसंती चोला....गाना भी गाया. उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वो भ्रष्ट लोगों को फाँसी पर चढ़ा दे ताकि कोई और भ्रष्टाचार न कर पाए.

इस बीच अमिताभ बच्चन ने भी अपने ब्लॉग पर अन्ना हज़ारे के प्रति समर्थन व्यक्त किया. अपने ब्लॉग पर उन्होंने लिखा है- मैं हमेशा उन मुद्दों का समर्थन करता रहा हूँ, जिससे देश का भला होता है. हर दिन मुझे अपनी छत पर चढ़कर लोगों को भाषण देने या अपने देश के लिए प्यार को प्रदर्शित करने के लिए चिल्लाने की आवश्यकता नहीं.

कई जाने-माने उद्योगपतियों ने भी अन्ना हज़ारे के प्रति समर्थन व्यक्त किया है. इनमें प्रमुख हैं- बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज और गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन आदि गोदरेज.

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