इतिहास के पन्नों से

आठ अप्रैल का दिन भारतीय इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाएं समेंटे है.

भगत सिंह और बटुकेश्र्वर दत्त ने दिल्ली असेंबली में बम फेंका

1929 में आज ही के दिन क्रांतिकारी भगत सिंह और बटुकेश्र्वर दत्त ने दिल्ली असेंबली बम फेंका।

जब वायसराय ने पब्लिक सेफ्टी बिल को क़ानून बनाने के लिए रखा गया तभी भगत सिंह ने बम फेंका. दोनों ने नारा लगाया 'इन्कलाब जिन्दाबाद', पर्चे भी फेंके, जिनमें जनता का रोष प्रकट किया गया था.

बम फेंककर इन्होंने खुद को गिरफ़्तार कराया. अपनी आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए अपने मुक़दमे की पैरवी उन्होंने खुद की. इस मामले में भगत सिंह और बटुकेश्र्वर दत्त को आजीवन कारावास मिला.

मंगल पांडेय को फांसी

8 अप्रैल, 1857 के दिन ब्रिटिश भारत की बैरकपुर रेजीमेण्ट के सिपाही मंगल पांडेय को फौजी अनुशासन भंग करने तथा हत्या करने के अपराध में फांसी पर चढ़ाया गया।

फांसी चढ़ाने के लिए कोई स्थानीय जल्लाद न मिला. कोलकाता से चार जल्लादों को बुलाकर इस फौजी को फाँसी दी गई.

नेहरु­- लियाक़त समझौता

भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद आज ही के दिन 1950 में दोनों देशों ने अपने- अपने देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षित करने और भविष्य में दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनाओं को ख़त्म करने के मकसद से एक समझौता किया था.

नई दिल्ली में छह दिनों तक चली बातचीत के बाद भारत की ओर से तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु और पाकिस्तान की ओर से प्रधानमंत्री लियाक़त अली खा़न ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे.

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