नहीं बच पाएँगे भ्रष्टाचारी: अन्ना

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लोकपाल विधेयक पर सरकार के साथ सहमति के बाद अपना अनशन तोड़ने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने कहा है कि इस विधेयक के पास होने पर भ्रष्टाचारी बच नहीं पाएँगे.

भारतीय पुलिस सेवा की पूर्व अधिकारी किरण बेदी के दिल्ली स्थित आवास पर संवाददाता सम्मेलन में अन्ना हज़ारे ने कहा कि उन्हें जनता के इतने समर्थन का अहसास नहीं था.

अन्ना हज़ारे ने कहा, "लोग भ्रष्टाचार से ऊब चुके हैं, इसलिए उन्होंने बढ़-चढ़कर इस अभियान में हिस्सा लिया."

अन्ना हज़ारे पाँच अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठे थे. शुक्रवार की रात तीन दौर की बातचीत के बाद अन्ना समर्थकों और सरकार के बीच समझौता हो गया था.

समझौते के तहत केंद्र सरकार ने लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए संयुक्त समिति के गठन पर अधिसूचना जारी कर दी है.

समिति

इस समिति में पाँच सदस्य नागरिक समाज के होंगे. वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी इसके अध्यक्ष होंगे, जबकि पूर्व क़ानून मंत्री शांति भूषण इसके सह अध्यक्ष होंगे.

इस समिति के सदस्यों में ख़ुद अन्ना हज़ारे, अरविंद केजरीवाल, संतोष हेगड़े और प्रशांत भूषण भी हैं. जबकि सरकार की ओर से प्रणब मुखर्जी के अलावा कपिल सिब्बल, सलमान ख़ुर्शीद, वीरप्पा मोईली और पी चिदंबरम इस समिति में शामिल होंगे.

इस संयुक्त समिति की पहली बैठक 16 अप्रैल को होने की संभावना है, जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि लोकपाल विधेयक संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा.

शनिवार को अपना अनशन तोड़ने के बाद अन्ना हज़ारे ने किरण बेदी के आवास पर पत्रकारों के साथ बातचीत की.

उन्होंने कहा कि सरकार की कई जाँच एजेंसियाँ स्वायत्त नहीं है और लोकपाल विधेयक पर बनी समिति स्वायत्त है. अन्ना हज़ारे ने उम्मीद जताई कि लोकपाल विधेयक से भ्रष्टाचार पर काबू पाने में आसानी होगी.

उन्होंने कहा कि लोकपाल विधेयक पर सरकार को ब्लैकमेल करने की कोई नीयत नहीं है.

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