'वामपंथी सरकारें विकास में बाधक'

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Image caption वामपंथी दलों ने मनमोहन सिहं की पहली सरकार को बाहर से समर्थन दिया था.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पश्चिम बंगाल और केरल में वामपंथी सरकारों की लंबे समय तक मौजूदगी की वजह से इन राज्यों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है.

केरल में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि वामपंथी ख़ुद को वक़्त के अनुरूप नहीं ढाल पाए हैं और उन्होंने अपने शासन के दौरान ग़लत नीतियों का अनुसरण किया है जिसका नुकसान इन राज्यों को भुगतना पड़ा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथियों ने अक्सर अपनी राजनीतिक अवसरवादिता को विचारधारा का जामा पहनाने की कोशिश की है.

केरल में फ़िलहाल वामपंथी गठबंधन की सरकार है जबकि पश्चिम बंगाल में लगभग तीन दशक से सरकार पर वामपंथियों का क़ब्ज़ा रहा है.

केरल में 13 अप्रैल को विधान सभा के लिए चुनाव हो रहे हैं.

केरल में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए मनमोहन सिंह ने कोट्टायम में कहा कि लोक सभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने यही बात कही थी और आज वो इसे फिर दोहरा रहे हैं.

रोज़गार के अवसर

उन्होंने कहा कि वामपंथी सरकार की मौजूदगी की वजह से केरल उतनी तरक़्की नहीं कर पाया जितना वो कर सकता था.

मनमोहन सिहं का कहना था कि ग़लत नीतियों की वजह से केरल में निजी उद्योग नहीं पनप पाया क्योंकि वहां का वातावरण उद्योग जगत के लिए अनुकूल नहीं है.

उन्होंने कहा, "जहाँ वामपंथी गठबंधन भूतकाल में जी रहा है वहीं कांग्रेस वाली यूडीएफ़ गठबंधन अपनी नीतियाँ राज्य के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार करेगी. ये नीतियाँ युवाओं के लिए फ़ायदेमंद होंगी और राज्य में रोज़गार के अवसर पैदा करेगी."

मनमोहन सिंह का कहना था कि जहां आम लोगों को वामपंथी सरकारों की वजह से नुक़सान हुआ है वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं का ख़ूब वारा-न्यारा हुआ है.

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