स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए क़ानून

Image caption दूरसंचार मंत्री कपिल सिबल ने 1 जनवरी 2011 को ऐलान किया था कि वे सौ दिनों में नई दूरसंचार नीति लाएंगे.

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने नेशनल स्पेक्ट्रम एक्ट का मसौदा बनाने के लिए एक समिति की घोषणा की है.

राजधानी दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सेवानिवृत जज शिवराज वी पाटिल की अध्यक्षता में ये समिति एक्ट का पहला मसौदा बनाएगी.

इस समिति में संयुक्त वायरलेस सलाहकार, टी के वरदाकृष्णा, आईआईटी मुंबई के डॉ. करांदिकर और सीनियर डीडीजी निर्मल पिल्लई भी होंगे.

कपिल सिब्बल ने कहा कि,"नई दूरसंचार नीति साल 2011 के अंत तक बना ली जाएगी".

2जी मोबाइल फ़ोन लाइसेंसों के आवंटन में व्यापक भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद दूरसंचार मंत्री का पद संभालने वाले कपिल सिब्बल ने एक जनवरी 2011 को ऐलान किया था कि वे सौ दिनों में नई दूरसंचार नीति लाएंगे जो 'स्पष्ट और पारदर्शी' होगी.

सिब्बल सोमवार को इन्हीं सौ दिनों का ब्यौरा दे रहे थे.

कई बदलावों पर विचार

सिब्बल ने बताया कि नई नीति में सुधार के लिए कई बदलाव लाए जा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन को लाइसेंसिंग प्रक्रिया से अलग कर किसी नई प्रणाली के तहत बांटने पर चर्चा की जा रही है. मौजूदा नीति में लाइसेंस की अवधि 20 साल है, जिसे कम कर 10 साल किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि ये फैसले भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सिफारिश और व्यापार जगत के साथ बातचीत के बाद ही किए जाएंगे.

सिब्बल ने ये भी कहा कि भारत की दूरसंचार नीति अब ज़्यादा उदारवादी होनी चाहिए.

भारत में मौजूदा दूरसंचार नीति 1999 में बनाई गई थी जिस दौरान इस क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार था, लेकिन अब इस क्षेत्र में कई निजी कंपनियां भी सक्रिय हो गई हैं.

ललित होंगे सरकारी वकील

इस बीच टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील यूयू ललित को सरकारी वकील नियुक्त किए जाने का आदेश दिया है.

इससे पहले सरकार ने ललित की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा था कि वो सरकारी वकील की योग्यता के मानदंडों पर खरे नहीं उतरते हैं.

कोर्ट ने ललित को अपने साथ काम करने के लिए अन्य वकीलों को नियुक्त करने की छूट दी है.

कोर्ट ने ये भी बताया कि इस मामले की जांच कर रही सीबीआई, 24 अप्रैल को इसमें अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि इस मामले की सुनवाई अब रोज़ाना होगी और इससे जुड़े सभी मामले यही अदालत सुनेगी.

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