मतदान केंद्रों के सामने लंबी क़तारें

चेन्नई मतदान केंद्र
Image caption चेन्नई में मतदान केंद्रों पर महिलाएं भी अच्छी तादाद में उपस्थित दिखीं.

दक्षिण भारतीय राज्यों - तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए हो रहे मतदान को लेकर वोटरों मे भारी उत्साह नज़र आ रहा है. सुबह सात बजे से ही, जबसे मतदान शुरू हुआ है, मतदान केंद्रों के सामने मतदाताओं की लंबी क़तारें लगी है.

इन राज्यों के चुनाव नतीजे ठीक एक महीने बाद 13 मई को सामने आएंगे.

तमिलनाडु के 234, केरल के 140 और पुडुचेरी के 30 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहे हैं.

तमिलनाडु

तमिलनाडु में लगभग 4.59 करोड़ मतदाता हैं जो दो हज़ार 773 उम्मीद्वारों की क़िस्मत का फ़ैसला करेंगे.

राज्य में मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ.

मुख्यमंत्री एम करूणानिधि ने चेन्नई के श्रद्धा विद्यालय में अपना मतदान किया वहीं एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता ने अपना वोट स्थानीय स्टेला मेरिस कॉलेज के मतदान केंद्र में डाला.

मतदान शुरू होने के कुछ देर पहले तक दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर छींटाकशी जारी रखा. जयललिता ने कहा कि डीएमके मतदान के दौरान हिंसा शुरू करवाने की शंका जताई वहीं करूणानिधि का कहना था कि जयललिता को चुनाव में हार का डर सता रहा है.

चेन्नई से बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारुक़ के अनुसार चुनाव प्रचार तो सोमवार को शाम पांच बजे ख़त्म हो गया था लेकिन कई उम्मीदवारों ने मंगलवार को घर-घर घूमकर मतदाताओं से सम्पर्क किया और अपने लिए वोट मांगे.

चुनाव आयोग ने कहा है कि पूरे राज्य में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं और राज्य के सभी 54 हजार 314 मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के जवान तैनात किए दिए गए हैं.

उमर फ़ारुक़ ने बताया कि केंद्रीय पुलिस बल की 240 कंपनियां तैनात की गई है.

परिसीमन के कारण डीएमके अध्यक्ष और पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके 86 वर्षीय करुणानिधि इस बार अपने गृह क्षेत्र तिरुवय्यूर से चुनाव लड़ रहे हैं. वह 1957 से ही विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं और आज तक किसी भी चुनाव में उनकी हार नहीं हुई.लेकिन हो सकता है कि ये चुनाव उनके जीवन का आख़िरि चुनाव हो.

डीएमके 119 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस 63 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

डीएमके की मुख्य प्रतिद्वंद्वी एआईएडीएमके 160 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसने बाक़ी सीटें अपने सहयोगियों के लिए छोड़ दी है जिनमें अभिनेता विजयकांत की पार्टी डीएमडीके सबसे प्रमुख है जो 41 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

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Image caption जयललिता अगर चुनाव हार जाती हैं तो पार्टी पर उनकी पकड़ ढीली पड़ सकती है और पार्टी में टूट-फूट की नौबत आ सकती है.

एआईएडीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जयललीता जयरामन भी अपने गृह क्षेत्र श्रीरंगम से चुनाव लड़ रही है.

तमिलनाडु में अब की बार विधान सभा चुनाव को "ग्राइंडर - मिक्सर" चुनाव का नाम दिया गया है क्योंकि दोनों ही मुख्य प्रतिद्वंद्वी दलों सत्तारूढ़ डीएमके और विपक्षी दल अन्ना डीएमके ने मतदाताओं को जो मुफ्त चीज़ें देने का वादा किया है उन में यह दोनों वस्तुएं भी शामिल हैं.

बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ के अनुसार भ्रष्टाचार ख़ासकर 2 जी घोटाला भी एक बड़ा चुनावी मुद्दा है और घोटाले की वजह से शहरी इलाक़ो में सत्तारुढ़ डीएमके को मतदाताओं की नाराज़गी का सामना करना पड़ रहा है.

केरल

केरल में कुल 140 सीटें हैं और चुनाव से ठीक एक दिन पहले यानि मंगलवार को भी सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीद्वारों ने मतदाताओं के घर जाकर उनसे अपने अपने पक्ष में वोट डालने की अपील की.

राज्य के करीब 1.2 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर 78 महिलाओं सहित 971 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे.

निर्वाचन के लिए 20 हज़ार 758 मतदान केंद्र और 27 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम के लिए पूरे राज्य में 80 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

राज्य के प्रमुख निर्वाचन अधिकारी नलिनी नेट्टो ने कहा, "मल्लपुरम ज़िले की वेनगारा विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ पर मतदाताओं की सर्वाधिक संख्या 1648 है जबकि कोच्चि के एक बूथ पर महज 30 मतदाता ही हैं."

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Image caption अच्युतानंदन के सामने सबसे बड़ी चुनौती वाम दल के गिरते जनाधार को रोकना है.

यहां सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा एलडीएफ़ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा यूडीएफ़ के बीच सीधी टक्कर है.

एलडीएफ़ का नेतृत्व राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री 87 वर्षीय वीएस अच्युतानंदन कर रहे हैं.चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री अच्युतानंदन की उम्र के बारे में टिप्पणी की थी जिसके जवाब में अच्युतानंदन ने राहुल गांधी को 'अमूल बेबी' कहा था.पूरे चुनाव प्रचार के दौरान अच्युतानंदन का ये बयान काफ़ी चर्चा में रहा था.

पुडुचेरी

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए लगभग आठ लाख 10 हज़ार मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे.यहां कुल 187 उम्मीद्वार मैदान में हैं जिनमें 78 निर्दलीय उम्मीद्वार शामिल हैं.

यहां कांग्रेस, डीएमके, एआईएडीएमके और भाजपा चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुक़ाबला कांग्रेस और एनआर कांग्रेस के बीच ही होने की उम्मीद है. पुडुचेरी हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है.

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