आक्षेप को सच्चाई नहीं मान सकते- व्यास

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Image caption गोधरा कांड के बाद गुजरात में सांप्रदायिक दंगों में एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

गुजरात के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संजीव भट्ट के सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर करने के बाद गुजरात सरकार के प्रवक्ता जय नारायण व्यास ने कहा कि भट्ट की बातों की सच्चाई सुप्रीम कोर्ट के सामने साफ हो जाएगी.

बीबीसी से बातचीत में जय नारायण व्यास ने कहा कि ये हलफ़नामा दायर होने से मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी पर व्यक्तिगत तौर से कोई असर नहीं पड़ेगा.

व्यास ने कहा, "ये संजीव भट्ट के आक्षेप हैं, और आक्षेप-प्रतिआक्षेप से न्याय नहीं चलता. तथ्यों और न्यायिक प्रावधानों के आधार पर जो प्रक्रिया चलेगी, तभी सत्य सामने आएगा."

उधर कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने उम्मीद जताई कि इस हलफ़नामे पर सुप्रीम कोर्ट उचित कार्रवाई करेगा.

साथ ही किसी व्यक्ति विशेष का नाम ना लेते हुए मनीष तिवारी ने कहा, "मुझे लगता है कि जो लोग गुजरात के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हैं, वो इस हलफ़नामे को पढ़ने का समय ज़रूर निकालेंगे."

पिछले दिनों समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ़ की थी.

हालांकि बाद में उन्होंने सफ़ाई दी कि वे विकास के उन कार्यों की सराहना कर रहे थे जो नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण इलाक़ों में किए हैं.

वहीं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने भी कहा कि भट्ट का हलफ़नामा सच्चा हो ये ज़रूरी नहीं है.

उन्होंने कहा कि ये तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 'विशेष जांच दल' यानि एसआईटी को नियुक्त किया हुआ है.

अरुण जेटली ने कहा, "मैं मीडिया से दरख्वास्त करूंगा कि वो ये बात मानें कि सच्चाई का फ़ैसला वो या मैं नहीं कर सकते, इसे न्यायपालिका पर छोड़ना बेहतर होगा."

भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने भी कहा कि पार्टी न्यायपालिका में भरोसा करती है और उसके फ़ैसले का इंतज़ार करेगी.

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