कौन हैं संजीव राजेंद्र भट्ट?

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Image caption संजीव भट्ट गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी हैं

गुजरात काडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी संजीव राजेंद्र भट्ट सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर करने के बाद सुर्ख़ियों में आ गए हैं.

इस हलफ़नामे में उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों की जाँच के लिए गठित विशेष जाँच दल (एसआईटी) में उन्हें भरोसा नहीं है.

47 वर्षीय आईपीएस अधिकारी संजीव राजेंद्र भट्ट इस समय गुजरात के जूनागढ़ में राज्य रिज़र्व पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं.

आईआईटी मुंबई से पोस्ट ग्रेजुएट संजीव भट्ट वर्ष 1988 में भारतीय पुलिस सेवा में आए और उन्हें गुजरात काडर मिला. पिछले 23 वर्षों से वे राज्य के कई ज़िलों, पुलिस आयुक्त के कार्यालय और अन्य पुलिस इकाइयों में काम किया है.

सुरक्षा

दिसंबर 1999 से सितंबर 2002 तक वे राज्य ख़ुफ़िया ब्यूरो में ख़ुफ़िया उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे. गुजरात के आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सभी मामले उनके अधीन थे.

इनमें सीमा सुरक्षा और तटीय सुरक्षा के अलावा अति विशिष्ट जनों की सुरक्षा भी शामिल थे. इस दायरे में मुख्यमंत्री की सुरक्षा भी आती थी.

संजीव भट्ट नोडल ऑफ़िसर भी थे, जो कई केंद्रीय एजेंसियों और सेना के साथ ख़ुफ़िया जानकारियों का आदान-प्रदान भी करते थे.

जब वर्ष 2002 में गुजरात में दंगे हुए थे, उस समय भी संजीव भट्ट इसी पद पर थे.

(ये जानकारी संजीव भट्ट के उस हलफ़नामे के आधार पर है, जो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है)

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