सत्य साईंबाबा का निधन

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चर्चित आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा का रविवार, 24 अप्रैल की सुबह आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्ति में निधन हो गया है.

उनकी चिकित्सा कर रहे मुख्य चिकित्सक एएन सफ़ाया ने कहा है कि हृदय की धड़कन रुक जाने से सुबह सात बजकर 40 मिनट पर उनका निधन हुआ.

पिछले कई दिनों से वे अस्पताल में भर्ती थे और गंभीर रुप से बीमार थे. अस्पताल में भी उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था.

साईंबाबा की अंत्येष्टि बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी.

आंध्र प्रदेश की उद्योगमंत्री डॉ गीता रेड्डी ने पुट्टपर्ति में एक पत्रकार सम्मलेन में यह घोषणा करते हुए कहा कि तब तक साईंबाबा का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शन के लिए उनके आश्रम में रखा जायेगा.

साईं बाबा के भक्तों में देश के कई बड़े राजनेता, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों के जज, सेना के अधिकारियों के अलावा व्यापार, खेल और फ़िल्म जगत की कई बड़ी हस्तियाँ शामिल हैं.

ये लोग अक्सर उनके आश्रम में आते रहे हैं.

उनके जन्मदिन और दूसरे समारोहों में देश-विदेश से हजारों भक्त भाग लेते रहे हैं.

अपने जीवन काल में वे अपने कथित चमत्कारों और समाजसेवा के लिए चर्चा में आए तो उनके इन चमत्कारों और उनकी अपार संपत्ति को लेकर विवाद भी रहा और उन पर यौन शोषण जैसे कई गंभीर आरोप भी लगाए गए.

भक्तों की भीड़

खुद साईं बाबा की ओर से स्थापित किए गए सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल 'श्री सत्य साईं इंस्टिट्यूट ऑफ़ हायर मेडिकल लर्निंग'में कई विशेषज्ञों का एक दल उनकी चिकित्सा कर रहा था.

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Image caption साईंबाबा के भक्तों ने जैसे ही उनके निधन का समाचार सुना वे रो पड़े

हालांकि सांस लेने में दिक़्कत की वजह से उनको लगातार वेंटिलेटर पर रखा जा रहा था और किडनी के काम न करने की वजह से लगातार डायलिसिस भी हो रही थी लेकिन पिछले एक हफ़्ते से उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी.

डॉक्टरों का कहना है कि एक-एक करके उनके शरीर के अंग काम करना बंद कर रहे थे.

उनके इलाज के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने भी हैदराबाद से विशेषज्ञों का एक दल पुट्टपर्ति भेजा था.

पिछले दो दिनों से डॉक्टरों ने कहना शुरु कर दिया था कि अब उनके शरीर पर इलाज का असर नहीं हो रहा है और कई अहम अंगों ने काम करना बंद कर दिया है.

इस बीच कई बार ये अफ़वाह उड़ती रही कि उनका निधन हो चुका है लेकिन इसकी घोषणा नहीं की जा रही है. ट्रस्ट की ओर से इसका बार-बार खंडन किया जाता रहा.

पुट्टपर्ति में, जहाँ सत्य साईंबाबा का आश्रम है, पिछले कई दिनों से हज़ारों भक्त एकत्रित हैं.

भक्तों का वहाँ लगातार पहुँचना जारी है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार रविवार की सुबह तक 25 हज़ार से अधिक लोग वहाँ पहुँच चुके थे.

अधिकारियों का कहना है कि अगले दो दिनों में भारी संख्या में सत्य साईंबाबा के भक्तों के वहाँ पहुँचने की संभावना है, जिसमें बड़ी संख्या में वीआईपी भी होंगे.

सरकार ने पुट्टपर्ति में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं. वैसे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी वहाँ पहुँच गए हैं.

अंतिम संस्कार आश्रम के अन्दर ही उस कुलवंत हॉल में किया जाएगा जहाँ वो अपने जीवन में भक्तों को दर्शन दिया करते थे.

चूंकि इस अवसर पर लाखों लोग जमा होने की संभावना है इसलिए पूरे पुट्टपर्ति में ऐसे बड़े-बड़े स्क्रीन लगाए जा रहे हैं जिस पर लोग यह दृश्य देख सकेंगे.

समाजसेवा

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Image caption अनंतपुर में पीने का पानी पहुंचाने के लिए करोड़ो रुपए खर्च किए गए

साईं बाबा के सामाजिक और धार्मिक संगठनों का एक बड़ा जाल देश विदेश में फैला हुआ है जिसके ज़रिए वे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करते रहे हैं.

पुट्टपर्ति के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ज़रिए गरीबों के लिए गंभीर रोगों की मुफ्त चिकित्सा का प्रबंध किया गया है.

इसके अलावा वे वहाँ एक विश्वविद्यालय भी संचालित करते हैं.

उनके अनेक ट्रस्टों के पास कई हज़ार करोड़ रुपयों की संपति है और उन्होंने पुट्टपर्ति में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक विमानतल का निर्माण भी करवाया है.

सामाजिक क्षेत्र में उनकी अहम सेवाओं में सूखे की मार झेलने वाले अनंतपुर ज़िले में पीने के शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए पाइप लाइनें बिछाने का काम शामिल है. जिस पर उन्होंने कई सौ करोड़ रुपए खर्च किए थे.

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