कनिमोड़ी भी आईं टूजी की लपेट में

सीबीआई
Image caption कनिमोड़ी को छह मई को अदालत में तलब किया गया है.

टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में सोमवार को दाखिल की गई सीबीआई की पूरक चार्जशीट में करुणानिधि की बेटी और डीएमके सदस्य कनिमोड़ी का नाम शामिल है.

कनिमोड़ी पर आपराधिक षडयंत्र का मामला दर्ज किया गया है और उन्हें छह मई को अदालत में तलब किया गया है.

सीबीआई ने इस चार्जशीट में कनिमोड़ी के अलावा करीम मोरानी और कलैंगर टीवी के प्रमुख शरद कुमार के खिलाफ़ भी मामला दर्ज किया है.

सीबीआई ने सोमवार दिल्ली स्थित पटियाला हाउस अदालत में विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की विशेष अदालत में पूरक चार्जशीट दाख़िल की.

कनिमोड़ी को स्वान टेलीकॉम के प्रचारक शाहिद बलवा के भाई आसिफ़ बलवा का सह-आरोपी क़रार दिया गया है. इसके अलावा 'कुसगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल लिमिटेड' के निदेशक राजीव अग्रवाल का नाम भी पूरक चार्जशीट में शामिल है.

'ज़रिया बनीं कनिमोड़ी'

सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में दावा किया है कि टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े 200 करोड़ रुपए बलवा के ज़रिए कलैंगर टीवी तक पहुंचे और इसका ज़रिया बनीं कनीमोझी.

सीबीआई के प्रवक्ता एके सिंह ने कहा, '' कनीमोझी को ए राजा की तरफ से 200 करोड़ रुपए मिले और बाकी नामजद लोगों ने उन्हें ये पैसे दिए.''

इस मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल पहले आरोप-पत्र में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, उनके निजी सचिव आर के चंदोलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और स्वान टेलीकॉम के प्रचारक शाहिद बलवा का नाम शामिल थे.

इनके अलावा रिलायंस कम्युनिकेशंस के अधिकारियों गौतम दोषी, वीरेंद्र तितारा और हरि नायर का नाम भी आरोपपत्र में शामिल था.

इससे पहले टूजी घोटाले में सुनवाई कर रही दिल्ली की एक विशेष अदालत ने अनिल अंबानी की कंपनी सहित चार अन्य कंपनियों के उच्च अधिकारियों को जेल भेज दिया था.

नीरा राडिया का नाम नहीं

दिल्ली में एक विशेष अदालत ने बीते सप्तताह रिलायंस के अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप के समूह प्रबंध संचालक गौतम दोषी, साथ ही वरिष्ठ उपाध्यक्षों सुरेंद्र पिपारा, हरी नायर, यूनिटेक लिमिटेड और यूनिटेक वायरलेस के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, डीबी रियल्टी और स्वान टेलिकॉम के प्रबंध निदेशक विनोद गोयनका की याचिका निरस्त कर दी, जिसके बाद इन्हें हिरासत में ले लिया गया है.

विशेष अदालत के फ़ैसले के बाद अब इन अधिकारियों ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरिया, राजा के निजी सचिव आरके चंदोलिया और स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शहीद उस्मान बलवा पहले से 2-जी मामले में जेल में बंद हैं.

सीबीआई ने ए राजा और पूर्व सरकारी आला अधिकारियों और उद्योगपतियों पर ये आरोप लगाया है कि इन लोगों के कारण देश को 30 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का नुक़सान हुआ है.

सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में नीरा राडिया का नाम नहीं लिया है.

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