प्रशिक्षुओं के यौन शोषण की जाँच

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Image caption अधिकारियों ने और महिला आरक्षकों से लिखित शिकायत दर्ज करवाने का अनुरोध किया है

कोल्हापुर ज़िले के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु महिला आरक्षकों के कथित यौन शोषण के मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है.

इस मामले को लेकर सामाजिक और राजनीतिक दलों ने गोलबंद होना शुरू कर दिया है.

संगठनों का आरोप है कि इस पुलिस केंद्र में एक लम्बे अरसे से प्रशिक्षण ले रहीं महिला आरक्षकों का यौन शोषण होता आ रहा है.

राजनीतिक दल अब इस मामले की जांच पुणे के पुलिस कमिश्नर से करवाने की मांग कर रहे हैं. आरोप हैं कि कुछ महिला आरक्षक गर्भवती भी हो गईं.

जाँच के आदेश

इस मामले में एक महिला प्रशिक्षु ने केंद्र के ही एक सिपाही युवराज कांबले के ख़िलाफ़ लिखित शिकायत की है कि उसने महिला के साथ तीन महीनों तक बलात्कार किया है. कांबले को गिरफ्तार कर लिया गया है और वो फिलहाल पुलिस कि हिरासत में हैं जबकि कुछ पीड़ित महिला आरक्षकों को कोल्हापुर से नागपुर भेजा गया है. यौन शोषण के आरोपों का खंडन करते हुए कोल्हापुर के एसपी यशस्वी यादव ने बीबीसी को बताया कि सिर्फ़ एक महिला आरक्षक ने इस मामले में लिखित शिकायत की है.

उनका कहना है,"ऐसी खबरें चल रहीं हैं कि 11 महिला आरक्षक गर्भवती हो गईं हैं. यह बिलकुल ग़लत है. अलबत्ता जिस महिला आरक्षक ने लिखित शिकायत की है उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई है. इस महिला आरक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है. दूसरी महिला प्रशिक्षु विवाहित हैं और उनके गर्भवती होने की भी पुष्टि हुई है मगर उसने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है. बाकी महिला प्रशिक्षुओं के मेडिकल जांच में यौन शोषण की बात सामने नहीं आई है." इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र की सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं.

जांच का ज़िम्मा नासिक की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मैथिली झा को सौंपा गया है जिन्होंने पीड़ित महिला आरक्षक का बयान दर्ज किया है.

विभागीय सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए सिपाही युवराज कांबले ने ख़ुद को बेक़सूर बताते हुए अपने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वही महिला प्रशिक्षुओं का शोषण करते हैं. कहा जा रहा है कि अपने लिखित बयान में कांबले ने एक पुलिस उपाधीक्षक और एक निरीक्षक का नाम लिया है. हालाकि कोल्हापुर के एसपी कांबले के आरोपों को बेबुनियाद बताते हैं मगर वह कहते हैं कि मामले की जाँच में सारी बातें सामने आ जाएँगी.

गोपनीयता का आश्वासन

नागपुर में पुलिस विभाग के सूत्रों का कहना है कि महिला आरक्षी प्रशिक्षुओं को कोल्हापुर से नागपुर इसलिए भेजा गया है ताकि मामले की जाँच प्रभावित न हो. पत्रकारों के बात करते हुए मामले की अनुसंधानकर्ता मैथिली झा ने कहा कि अभी तक सिर्फ़ एक महिला प्रशिक्षु ने लिखित शिकायत की है.

उनका कहना है कि अगर किसी और भी प्रशिक्षु का शोषण हुआ है तो उसे आगे बढ़कर इसकी लिखित शिकायत करनी चाहिए. मैथिली ने इतना ज़रूर कहा कि शिकायत करने वाली महिला का नाम गोपनीय भी रखा जाएगा.

बहरहाल मामले को लेकर कोल्हापुर के सांसद सदाशिव मंडालिक ने सरकार से मांग की है कि वह कोल्हापुर में तैनात सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वहां से स्थानांतरित कर दे ताकि जांच प्रभावित न हो सके.

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