'पोस्को मामला उड़ीसा सरकार के पाले में'

जयराम रमेश
Image caption पर्यावरण से जुड़े कई मामलों में अपनी राय के लिए जयराम रमेश पिछले कुछ दिनों में काफ़ी चर्चा में रहें हैं.

उड़ीसा सरकार के दोहरे मानदंड और भेदभाव के आरोप को ख़ारिज करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि पोस्को स्टील परियोजना को लेकर केंद्र सरकार उड़ीसा सरकार के साथ किसी तरह की भेद भाव की नीति नहीं अपना रहा है.

दो दिनों की उड़ीसा यात्रा पर शुक्रवार को राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे जयराम रमेश ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा कि फ़िलहाल पोस्को परियोजना का मामला राज्य सरकार के पाले में है और उसी को कोई फ़ैसला करना है.

जयराम रमेश ने कहा, ''हमने पोस्को परियोजना के संबंध में राज्य सरकार से कुछ स्पष्टीकरण मांगा है. अब गेंद मेरे नहीं, राज्य सरकार के पाले में है.''

उन्होंने ये भी कहा कि पोस्को परियोजना स्थल का दौरा करने का उनका कोई इरादा नहीं है.

विरोध

परियोजना का विरोध कर रहे स्थानीय लोग उनसे परियोजना स्थल का दौरा करने का आग्रह कर रहें हैं.

वे स्टील परियोजना को मिली पर्यावरण मंज़ूरी रद्द करने की मांग कर रहें हैं.

एक तरफ़ जहां कुछ लोग विरोध कर रहे हैं वहीं कुछ लोग परियोजना का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने भी विरोधियों के दावों की सच्चाई का पता लगाने के लिए जयराम रमेश को प्रस्तावित संयंत्र स्थल का दौरा करने का न्यौता दिया है.

लेकिन दोनों गुटों की अपील को ठुकराते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''मेरी यह यात्रा केवल भितरकणिका तथा समन्वित तटीय क्षेत्र प्रबंधन परियोजना (आईसीजेडएमपी) की समीक्षा के लिए है.''

'भेदभाव'

नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल(बीजद) सरकार के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने कहा कि यह सही नहीं है कि उनके मंत्रालय ने उड़ीसा की परियोजनाओं और आंध्र प्रदेश की पोलावरम परियोजना के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाया है.

जयराम रमेश ने कहा, ''पोलावरम परियोजना को भी काम रोकने का आदेश दिया गया था. उड़ीसा और अन्य राज्यों के लिए एक ही मानदंड अपनाया गया है. बीजद और कांग्रेस के लिए एक ही मानदंड है.''

रमेश पर पोलावरम परियोजना का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ बीजद पार्टी पिछले छह महीने से ‘उड़ीसा बचाओ मुहिम’ चला रही है.

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा वेदांता की लांजीगढ़ में अल्यूमिना रिफ़ाइनरी परियोजना को ख़ारिज किए जाने के बाद यह मुहिम शुरू की गई है.

मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्रपाड़ा ज़िला स्थित भीतरकनिका से लौटने के बाद उनका बीजू पटनायक से शनिवार शाम मिलने का कार्यक्रम है.

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