'बाक़ी दुनिया की भी ग़लती है'

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Image caption गिलानी ने आतंकवाद से लड़ाई जारी रखने का आश्वासन दिया है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी की फ्रांस यात्रा का कार्यक्रम काफ़ी पहले तय हुआ था, तब किसी को अंदाज़ा नहीं होगा कि उन्हें ऐसी परिस्थितियों में विदेश यात्रा करनी होगी.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सामने पूरे देश की साख को बचाने की चुनौती है, उन्होंने फ्रांस में जिस तरह के बयान दिए हैं उससे ऐसा लगता है कि वे इसकी पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ओसामा बिन लादेन का पता लगाने में नाकामी सिर्फ़ अकेले पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई की नहीं है बल्कि इसके लिए पूरी दुनिया की ख़ुफ़िया बिरादरी ज़िम्मेदार है जिसमें अमरीकी भी शामिल है.

पेरिस में पत्रकारों से बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, "निश्चित तौर पर हम दुनिया के देशों के साथ ख़ुफ़िया सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं जिसमें अमरीका भी शामिल है, अगर कोई यह कहता है कि पाकिस्तान की ग़लती है तो मैं ये भी कहना चाहता हूँ कि सारी दुनिया की भी कुछ ग़लतियाँ हैं."

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पूरी दुनिया का समर्थन चाहिए, गिलानी का कहना था कि पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई की ऊँची क़ीमत अदा कर रहा है, उनका कहना था कि पाकिस्तान सिर्फ़ अपनी सलामती के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए जंग लड़ रहा है.

अमरीका की ओर से खुलकर कई बयान आए हैं कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता था इसलिए उससे इस ऑपरेशन की जानकारी गुप्त रखी गई, कई अमरीकी अधिकारियों ने साफ़ शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान को इस मामले में कई सवालों के जवाब देने होंगे.

फ्रांस के विदेश मंत्री एलन ज़ुपे ने कहा है कि ओसामा का एबटाबाद में इतने लंबे समय तक छिपे रहना निस्संदेह पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी की नाकामी है, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ फ्रांस सहयोग जारी रखेगा और पाकिस्तान से भी उम्मीद की जाती है कि बाक़ी दुनिया को सहयोग देगा.

ज़ुपे ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सहयोग का वादा किया है, उनका कहना था कि पाकिस्तान के सहयोग और उस पर विश्वास किए बिना अफ़ग़ानिस्तान की समस्या का दीर्घकालिक हल संभव नहीं है.

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