अदालत में पेश हुईं कनिमोड़ी

कनिमोड़ी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption सीबीआई के अनुसार कनिमोड़ी की स्वयंसेवी संस्था को टेलीकॉम कंपनियों की ओर से बड़ी दान राशियाँ मिली हैं

2-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के मामले में डीएमके नेता एम करुणानिधि की बेटी और सांसद कनिमोड़ी शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुईं.

इसी मामले में कलैग्नार टीवी चैनल के प्रबंध निदेशक शरद कुमार भी अदालत में पेश हुए.

कनिमोड़ी ने अदालत में अग्रिम ज़मानत की याचिका दायर की है लेकिन शुक्रवार को इस पर सुनवाई नहीं हो सकी.

अब शनिवार को इस पर सुनवाई होगी.

सीबीआई कानिमोड़ी को ज़मानत दिए जाने का विरोध कर रही है.

शुक्रवार को आसिफ़ बलवा और राजीव अग्रवाल के वकील ने अदालत से कहा कि कनिमोड़ी और शरद कुमार को गिरफ़्तार नहीं किया गया है और ये सीबीआई का पक्षपात दिखाता है.

'सबूत नहीं'

अदालत में कनिमोड़ी की ओर से वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने अदालत से पैरवी की है कि चूंकि कलैग्नार टेलीविज़न के कामकाज में उनकी कोई भागीदारी नहीं है इसलिए उन्हें ज़मानत देनी चाहिए.

दिल्ली के पटियाला हाउस अदालत परिसर जब कनिमोड़ी पेश हुईं तो वहां डीएमके के कई सांसद मौजूद थे.

कनिमोड़ी की ओर से उनके वकील राम जेठमलानी ने कहा गया कि कनिमोड़ी न तो कलैग्नार टीवी के निदेशक मंडल में हैं और न ही वे इसके दिन-प्रतिदिन के कामकाज में हिस्सा लेती हैं.

उनका कहना था कि कानिमोड़ी सिर्फ़ इस कंपनी की शेयर धारक हैं.

राम जेठमलानी ने कहा, "अगर ये मान भी लें कि ए राजा शाहिद बलवा के साथ थे और उन्होंने डीबी रियल्टी के ज़रिए कलैग्नार टीवी को दो सौ करोड़ रुपए दिए तो इसमें कानिमोड़ी का क्या दोष है."

उन्होंने कहा कि इस राशि को कंपनी में लाने के लिए कानिमोड़ी ने कभी दस्तख़त नहीं किए और न ही वो बोर्ड की किसी बैठक में शामिल हुईं.

जेठमलानी ने कहा कि कानिमोड़ी क़ानून को मानने वाली एक नागरिक हैं और महिला होने के नाते उन्हें विशेष दर्जा मिलना चाहिए और उन्हें गिरफ़्तार नही किया चाहिए.

इसके अलावा कनिमोड़ी ने भी कहा है कि उनके ख़िलाफ़ इस मामले में कोई सबूत नहीं है. साथ ही अगर अदालत उन पर कोई प्रतिबंध लगाती है तो वो उन्हें ये मंज़ूर होगा.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की बेटी कनिमोड़ी और शरद कुमार को मामले की जांच कर रही सीबीआई की ओर से दाखिल पूरक आरोप पत्र में सह अभियुक्त बनाया गया है.

इससे पहले सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में कनिमोड़ी से पूछताछ की थी.

गिरफ़्तारियाँ

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ए राजा को सीबीआई पहले ही गिरफ़्तार कर लिया गया है

कहा गया था कि ये पूछताछ डीबी रियल्टी के प्रबंध निदेशक शाहिद उस्मान बलवा से कथित संबंधों के बारे में थी. सीबीआई ने फ़रवरी में 2जी मामले में शाहिद उस्मान बलवा को मुंबई में गिरफ़्तार किया था.

कथित तौर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि डीबी रियल्टी ने कलैग्नार टेलीवीज़न चैनल को करीब 200 करोड़ का कर्ज़ दिया था.

कलैग्नार टीवी चैनल में करुणानिधि की बेटी कनिमोड़ी की 20 फ़ीसदी और करुणानिधि की पत्नी एमके दयालू की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पिछले महीने 'कलैग्नार' के दफ़्तर में जाकर छानबीन भी की थी.

इस मामले के मुख्य अभियुक्त और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा पहसे से ही जेल में हैं. इसके अलावा कई टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारियों को भी अदालत ने जेल भेजा है.

संबंधित समाचार