कनिमोड़ी की ज़मानत का फ़ैसला 14 को

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2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में डीएमके सांसद कनिमोड़ी की ज़मानत याचिका पर सीबीआई की विशेष अदालत ने फ़ैसला 14 मई तक सुरक्षित रख लिया है.

लेकिन अदालत ने उनकी वह याचिका ख़ारिज कर दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि नौ और 10 मई को उन्हें अदालत में पेश होने से छूट दी जाए.

सीबीआई कनिमोड़ी को ज़मानत दिए जाने का विरोध कर रही है.

कनिमोड़ी ने शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होकर अग्रिम ज़मानत की अपील दायर की थी लेकिन सुनवाई शनिवार तक के लिए टल गई थी.

हालांकि आसिफ़ बलवा और राजीव अग्रवाल के वकील ने सीबीआई पर पक्षपात का आरोप लगाया है. उनका कहना था कि जहाँ उनके मुअक्किल जेल में हैं कनिमोड़ी और शरद कुमार अभी भी आज़ाद है.

सह-अभियुक्त

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि की बेटी कनिमोड़ी और शरद कुमार, जो कलैग्नार टीवी के मुख्य अधिकारी हैं; को 2जी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की ओर से दाखिल पूरक आरोप पत्र में सह-अभियुक्त बनाया गया है.

इससे पहले सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में कनिमोड़ी से पूछताछ की थी.

कहा गया था कि ये पूछताछ डीबी रियल्टी के प्रबंध निदेशक शाहिद उस्मान बलवा से कथित संबंधों के बारे में थी. सीबीआई ने फ़रवरी में 2जी मामले में शाहिद उस्मान बलवा को मुंबई में गिरफ़्तार किया था.

कथित तौर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि डीबी रियल्टी ने कलैग्नार टेलीवीज़न चैनल को करीब 200 करोड़ का कर्ज़ दिया था.

कलैग्नार टीवी चैनल में करुणानिधि की बेटी कनिमोड़ी की 20 फ़ीसदी और करुणानिधि की पत्नी एमके दयालू की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पिछले महीने 'कलैग्नार' के दफ़्तर में जाकर छानबीन भी की थी.

इस मामले के मुख्य अभियुक्त और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा पहले से ही जेल में हैं. इसके अलावा कई टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारियों को भी अदालत ने जेल भेजा है.

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