'भारत ने अमरीका को दस्तावेज़ सौंपे'

मुंबई हमला 2008(फ़ाइल फो़टो)
Image caption ताज होटल में घुसे चरमपंथियों को 60 घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद मार डाला गया था.

भारत ने अमरीका को नए दस्तावेज़ सौंपे है जिसमें मुंबई हमले से जुड़े मामले में अमरीकी अदालत में दाख़िल आरोप-पत्र में शामिल लोगों के बारे में और अधिक जानकारी दी गई है.

भारत के गृह मंत्रालय के अनुसार आरोप-पत्र में में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के एक अधिकारी का नाम भी शामिल है.

आईएसआई के जिस अधिकारी का नाम आरोप-पत्र में शामिल किया गया है वो मेजर इक़बाल हैं.

गृह मंत्रालय के अनुसार मेजर इक़बाल के अलावा इस मामले में चार और लोगों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किए गए हैं. हालांकि अमरीका से मिली जानकारी के मुताबिक़ अब तक चार पाकिस्तानी नागरिकों के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किए हैं.

गृह मंत्रालय के अनुसार मेजर इक़बाल के अलावा चार अन्य पाकिस्तानी नागरिकों में साजिद मजीद उर्फ़ साजिद मीर, अबु क़हाफ़ा, मज़हर इक़बाल और लश्कर सदस्य डी के नाम शामिल हैं.

गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2008 के मुंबई में हुए हमले मामले में अमरीकी शहर शिकागो की एक अदालत में मामला चल रहा है और 26 अप्रैल को आरोप-पत्र दाख़िल किए गए थे.

भारत ने अमरीका को उन पांच लोगों के बारे में दस्तावेज़ भी सौंपे हैं जिसमें मुंबई हमले मे इन लोगों की भूमिका के बारे में विशेष जानकारी दी गई है.

आरोप-पत्र

गृह मंत्रालय के अनुसार 35 वर्षीय मेजर इक़बाल वर्ष 2007 से 2008 के बीच लाहौर में तैनात थे.

मेजर इक़बाल के बारे में और अधिक जानकारी देते हुए गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, "मेजर इक़बाल आईएसआई के लिए काम करते थे और मुंबई हमले का षड्यंत्र रचने से लेकर उसके कार्यान्वयन तक में शामिल थे. भारत में महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने के मामले में भारतीय जांच एजेंसी 'एनआईए' के आरोप-पत्र में भी उनका नाम शामिल है."

मेजर इक़बाल पर भारत में हमले के पहले की तैयारी करने के लिए कथित लश्कर चरमपंथी डेविड कोलमैन हेडली को 25 हज़ार डॉलर मुहैया कराने का भी आरोप है.

आरोप-पत्र में दाख़िल दूसरा नाम साजिद मजीद उर्फ़ साजिद मीर का है.

Image caption मुंबई शहर के कई जगहों को निशाना बनाया गया था.

गृह मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, " साजिद मीर लश्कर-ए-तैबा के एक वरिष्ठ कमांडर है. उनका नाम मुंबई हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ताओं में शामिल है. उन्होंने मुंबई हमले के सभी 10 चरमपंथियों को प्रशिक्षण और जानकारी दी थी."

कहा जाता है कि हमले के वक़्त वह शायद कराची में लश्कर के नियंत्रण कक्ष में थे, जहां से हमलावरों को निर्देश दिए जा रहे थे.भारत ने पाकिस्तान से उनकी आवाज़ का नमूना भी मांगा है.

अमरीकी अदालत में दाख़िल आरोप-पत्र में तीसरा नाम अबु कहाफ़ा का है.

गृह मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मुजफ़्फ़राबाद के रहने वाले क़हाफ़ा को कथिक रूप से लश्कर का वरिष्ठ प्रशिक्षक तथा हथियारों और विस्फोटकों का जानकार माना जाता है.

आरोप-पत्र में दाख़िल चौथा नाम मज़हर इक़बाल का है.

गृह मंत्रालय के अनुसार मज़हर इक़बाल को अबु अलक़ामा के कोडनेम से जाना जाता है.अधिकारी ने बताया, ''2008 तक वह कश्मीर में लश्कर के प्रभारी थे. चरमपंथियों को प्रशिक्षण देने वालों में वह भी शामिल थे.''

अरोप-पत्र में पांचवा नाम लश्कर सदस्य डी का है, जिसके असली नाम के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल पाई है.

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि ऐसा समझा जाता है कि ज़कीउर्रहमान लख्वी की गिरफ़्तारी के बाद उन्होंने ही लश्कर के अभियान की ज़िम्मेदारी संभाली है.

26 नवंबर 2008 को भारत के मुंबई शहर में एक ही साथ कई जगहों पर चरमपंथी हमले हुए थे जिसमें छह अमरीकी नागरिक समेत कम से कम 166 लोग मारे गए थे और बहुत से अन्य घायल हो गए थे.

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