'आयुर्वेदिक भस्म' ने बीमार किया

इमेज कॉपीरइट
Image caption भयंदर स्थित पतंजलि पीठ की दवाओं की दुकान

मुंबई में पतंजलि चिकित्सालय से ली गई दवाइयाँ खाने के बाद एक महिला को सर्जरी की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है.

उल्लेखनीय है कि पतंजलि चिकित्सा केंद्रों पर योग गुरू स्वामी रामदेव के आश्रम संचालित कंपनियों की बनाई आयुर्वेदिक दवाइयाँ मिलती हैं.

जश्मी शंकर नरापुला नाम की महिला के बाल कुछ सालों से कम हो रहे थे और उन्होंने टीवी चैनल आस्था पर पतंजलि चिकित्सालय में उपलब्ध दवाइयों के बारे में सुना.

उन्होंने मुंबई से सटे ज़िले ठाणे के भयंदर इलाके में स्थित पतंजलि चिकित्सालय से बाल गिरना रोकने के लिए दवाइयाँ खरीदी. उन्हें खाने के बाद 49 वर्षीया जश्मी को साँस लेने में दिक्कत होने लगी.

अस्पताल में डॉक्टरों ने एक घंटे की सर्जरी के बाद उस दवा को मुश्किल से निकाला.

दवाइयों की रसीद के मुताबिक उन्हें दो तरह के भस्म बेचे गए थे. उन्हें भस्म को पानी में मिलाकर खाने के लिए बोला गया था. लेकिन उन्होंने भस्म को गोली बनाकर खाया.

पतंजलि चिकित्सालय के संचालक और वहाँ काम करने वाले डॉक्टर का कहना है कि महिला ने ग़लत ढंग से दवा का सेवन किया होगा क्योंकि इस भस्म का सेवन लाखों लोगों ने किया है और ऐसी शिकायत पहली बार आई है.

भस्म निगलने में समस्या

इमेज कॉपीरइट
Image caption डॉ. नीलम साठे के अनुसार उनके पास इस तरह का ये पहला केस था

गोली खाने के बाद उन्हें बात करने में या भस्म को निगलने में समस्या होने लगी और वो केईएम अस्पताल में आँख, नाक और गले विभाग में सर्जन डॉक्टर नीलम साठे के पास पहुँचीं.

डॉक्टर साठे कहती हैं, ‘हमने सोचा कि कोई भी दवा घुल जाती है तो हमने उन्हें पानी के अलावा केला आदि देकर उसे निगलवाने की कोशिश की, लेकिन वो पानी को निगल नहीं पा रही थीं और पानी मुँह से बाहर आ गया. उनकी थूक भी मुँह में जमा हो रही थी.’

एंडोस्कोपी में एक काले रंग का चिपचिपा पदार्थ दिखा. बहुत मुश्किल से एक घंटे की मेहनत के बाद इस पदार्थ को बाहर निकाला जा सका.

डॉक्टर साठे कहती हैं कि उनकी करियर में ये ऐसा पहला केस है. उधर जश्मी के पति शंकर नरापुला ने बीबीसी को बताया कि उनकी पत्नी अभी बात करने की स्थिति में नहीं हैं.

पास के ही एक थाने में एक मेडिको-लीगल केस दर्ज कर लिया गया है और सैंपल को जाँच के लिए भेज दिया गया है.

चिकित्सकीय सलाह

इमेज कॉपीरइट
Image caption पुन्नालाल का कहना है दवाइयाँ ग़लत तरीक़े से ली गई होंगी

पतंजलि चिकित्सालय की इस दुकान की खोज में हम मुंबई से लगे ठाणे जिले के भयंदर इलाके में पहुँचे. दुकान के बाहर बाबा रामदेव की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगी थीं.

दुकान के मालिक पुन्नालाल गुप्ता पहले तो कहते रहे कि उन्हें जानकारी नहीं है कि जश्मी शंकर ने ये दवा वहाँ से खरीदी है या नहीं. बाद में उन्होंने माना कि उनके सेल्समैन ने दवा बेची थी.

दुकान के बाहर खड़े डॉक्टर अशोक झरबड़े भी इसी दुकान में काम करते हैं. उनका काम है लोगों को दवाइयाँ सुझाना. उनके मुताबिक हो सकता है कि जश्मी शंकर ने दवा का सेवन गलत तरीके से किया हो. डॉक्टर अशोक के मुताबिक उन्होंने भोपाल विश्वविद्यालय से आयुर्वेद की डिग्री ली है.

डॉक्टर अशोक कहते हैं कि उनके पास कैंसर, हेपटाईटस, जैसी बीमारियों से प्रभावित लोग आते हैं.

उधर पुन्नालाल बाद में फिर सोचकर बोलते हैं कि उनका काम लोगों को दवाई सुझाना नहीं है. लोग टीवी पर कोई दवाई देखकर उसकी मांग करते हैं तो वो उसे दे देते हैं.

दवाइयों की सप्लाई हरिद्वार से

दरअसल ये दुकान पतंजलि के गली-गली में फैले दूसरे कई चिकित्सालयों की तरह फ़्रैंचाईज़ी है.

पुन्नालाल बताते हैं कि इस दुकान की शुरुआत मात्र दो महीने पहले ही हुई थी. इसके लिए उन्होंने एक लाख रुपये का डिमांड ड्राफ़्ट हरिद्वार स्थित पतंजलि कार्यालय में जमा करवाया. इसके बाद एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. उसके बाद दुकान में पतंजलि की दवाईयों की सप्लाई शुरू हुई.

बलिया के रहने वाले पुन्नलाल खुद पतंजलि से दो साल से जुड़े रहे हैं. उन्होंने पहले एक हफ़्ते की योग की शिक्षा ली, उसके बाद दूसरों को योग सिखाना शुरू कर दिया.

स्वामी रामदेव की दिव्य योग की वेबसाईट पर विस्तार से आयुर्वेद दवाईयों का ज़िक्र है. वेबसाईट के मुताबिक ये दवाईयाँ उच्च कोटि की हैं और इनसे कई बीमारियों का इलाज सफ़लता के साथ हुआ है.

पतंजलि योग समिति के स्थानीय प्रमुख सुरेश नाईक भी कहते हैं कि महिला ने गलत तरीके से दवाई ली होगी और लाखों लोग ऐसी भस्म ले चुके हैं और आजतक ऐसी शिकायत कभी नहीं आई.

वो कहते हैं कि दोनो भस्मों का काम शरीर को ठंडा करना था. वो फ़्रैंचाईज़ी तरीके को भी जायज़ ठहराते हैं औऱ कहते हैं कि सिर्फ़ उन्हीं लोगों को ये मौका दिया जाता है जिन्होंने अच्छा काम किया हो.

वो कहते हैं कि उन्होंने इस सैंपल की जाँच के आदेश दिए हैं और तीन-चार दिन में ही इसकी रिपोर्ट आ जाएगी.

उधर डॉक्टर नीलम साठे लोगों को सलाह देती हैं कि वो कोई भी दवा खाने से पहले सावधानी बरतें.

संबंधित समाचार