राज्यपाल के ख़िलाफ़ भाजपा ने मोर्चा खोला

आडवाणी
Image caption आडवाणी ने राज्यपाल भारद्वाज को जल्द से जल्द वापस बुलाने की मांग की.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कर्नाटक के राज्यपाल की सिफ़ारिशों को ख़ारिज कर दिया जाए.

भाजपा नेताओं के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार शाम को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिला और राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग की.

राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर केंद्र सरकार को एक विशेष रिपोर्ट भेजी है जिसमें कथित तौर पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफ़ारिश की गई है.

कुछ दिनों पहले उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक में 16 बाग़ी विधायकों को अयोग्य ठहराने के विधानसभा अध्यक्ष के फ़ैसले को निरस्त कर दिया था जिसके बाद से राज्य में नई राजनीतिक संकट पैदा हो गई है.

विपक्षी कांग्रेस और जनता दल-एस मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से इस्तीफ़ा देने की मांग कर रहे हैं तो सत्तारूढ़ भाजपा का कहना है कि उसके पास पूर्ण बहुमत है.

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है जिस पर राज्यपाल ने अभी तक कोई फ़ैसला नहीं किया है.

राज्यपाल

आडवाणी के साथ अन्य नेताओं के अलावा लोकसभा में विपक्ष की नेता ष सुषमा स्वराज और जनता दल-यू के अध्यक्ष शरद यादव भी शामिल थे.

प्रधानमंत्री निवास सात आरसीआर के बाहर खड़े पत्रकारों से बात करते हुए आडवाणी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मुख्य रूप से दो बातें कही हैं.

एक तो ये कि अगर कर्नाटक के राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफ़ारिश की है तो उस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया जाए.

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की दूसरी मांग थी कि राज्यपाल को जल्द से जल्द हटाने की प्रक्रिया शुरु की जाए.

आडवाणी ने कहा, ''हंसराज भारद्वाज ने पिछले तीन सालों में स्पष्ट कर दिया है कि एक राज्यपाल का संवैधानिक दायित्व निभाना उनकी प्रकृति में ही नहीं है. लिहाज़ा उन्हें वापस बुलाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शूरू की जाए.''

आडवाणी ने कहा कि हंसराज भारद्वाज जबसे राज्यपाल बनें हैं वो लगातार संविधान के ख़िलाफ़ काम करते रहें हैं और ताज़ा घटनाक्रम इसी कड़ी का एक हिस्सा है.

आडवाणी के अनुसार प्रधानमंत्री ने उन्हें यक़ीन दिलाया है कि केंद्र सरकार कोई भी असंवैधानिक क़दम नहीं उठाएगी.

उन्होंने ये भी कहा कि कर्नाटक के सभी भाजपा विधायक मंगलवार को दिल्ली में शाम साढ़े पांच बजे राष्ट्रपति प्रतिभा सिहं पाटिल से मुलाक़ात करेंगे.

'अवैध सरकार'

इससे पहले कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा कर्नाटक में अवैध सरकार चला रही है.

सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''कर्नाटक में भाजपा आपत्तिजनक तरीक़े से बनाई गई बहुमत के आधार पर अवैध सरकार चला रही है.''

उन्होंने कहा की सुप्रीम कोर्ट ने जो कुछ कहा है उसके बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर को एक क्षण भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी कहा है कि इस फ़ैसले से विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए अपनाए गए ग़ैर-क़ानूनी और राजनीतिक जोड़तोड़ के तरीक़े स्पष्ट हो गए हैं.

पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने भी कहा कि येदियुरप्पा सरकार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

इससे पहले राज्यपाल की रिपोर्ट पर विचार विमर्श करने के लिए सोमवार की सुबह लाल कृष्ण आडवाणी के घर पर भाजपा की एक इमरजेंसी बैठक हुई.

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अरूण जेटली ने कहा कि राज्यपाल उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले के बजाय उसकी टिप्पणियों का हवाला दे रहें हैं.

उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा सरकार को बहुमत प्राप्त है और वह सदन में बहुमत साबित करना चाहते हैं, लेकिन जिस तरह से भारद्वाज इसकी अनुमति नहीं देकर और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफ़ारिश करके नया संविधान लिखना चाह रहें हैं, उसके मद्देनज़र केंद्र सरकार को उनकी सिफ़ारिश को ठुकरा देना चाहिए.

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