राज्यपाल पद पर बने रहने के लायक नहीं: भाजपा

येदियुरप्पा की सरकार साल से विवादों में घिरी हुई है

कर्नाटक में राजनीतिक संकट गहरा गया है. भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज की ओर से केंद्र को भेजी रिपोर्ट को अलोकतांत्रिक बताया है और राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग की है.

मुख्यमंत्री यदियुरप्पा ने कहा है कि वे सभी भाजपा विधायकों, सांसदों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमत्री मनमोहन सिंह से दिल्ली में मिलेंगे.

हाल में राज्यपाल ने केंद्र को कर्नाटक की भाजपा सरकार के बारे में रिपोर्ट भेजी थी. हालाँकि इसमें लिखा पूरा संदेश सार्वजनिक नहीं हुआ है लेकिन राजनीतिक नेताओं, विशेष तौर पर भाजपा नेताओं ने कहा है कि इसमें राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफ़ारिश की है और वे इसका विरोध करते हैं.

क्या है मुद्दा?

ये मामला पिछले साल अक्तूबर में कर्नाटक में भाजपा की सरकार के विश्वास मत से संबंधित है. विश्वास मत से पहले ही विधानसभा स्पीकर ने भाजपा के 11 विधायकों और पाँच निर्दलीय विधायकों को मतदान के आयोग्य ठहराया था.

कर्नाटक विधानसभा

कुल सीटें-223 + स्पीकर = 224

बीजेपी- 116 + स्पीकर = 117

कांग्रेस- 73

जेडी (एस)- 28

निर्दलीय- 6

11 बीजेपी और पाँच निर्दलीय

विधायकों की बर्खास्तगी के बाद

प्रभावी वोटिंग सदस्य- 224-16 = 208

बीजेपी- 105 + 1 स्पीकर = 106

कांग्रेस- 73

जेडी (एस)-28

निर्दलीय -1

इस घटना के बाद हुए विश्वास मत में भाजपा ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया था. उधर मतदान के लिए अयोग्य ठहराए गए विधायकों का मामला हाई कोर्ट में चला गया था जिसने स्पीकर के फ़ैसले को उचित ठहराया था.

लेकिन हाल में सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर के फ़ैसले को ग़लत ठहराते हुए इन विधायकों की सदस्यता और मतदान में भाग लेने की योग्यता को बरक़रार रखा था.

इसके बाद राज्यपाल ने केंद्र को रिपोर्ट भेजी और वर्तमान घटनाक्रम शुरु हो गया.

'पद पर बने रहने के लायक नहीं'

भाजपा नेता अरुण जेटली ने राज्यपाल की निंदा करते हुए कहा, "भाजपा के उन 11 विधायकों ने पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की है. इस तरह से भाजपा सरकार को 121 विधायकों का समर्थन हासिल है. तर्कसंगत ये होता कि राज्यपाल भाजपा मुख्यमंत्री से सदन के पटल पर बहुमत साबित करने को कहते."

उधर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा, "ये लोकतंत्र और संविधान को कलंकित करने वाली बात है. जिन विधायकों को बहाल किया गया है वे भाजपा के साथ हैं. बहुमत हमारे साथ है. ये राज्यपाल नहीं कर रहे बल्कि कांग्रेस और यूपीए सरकार के इशारे पर राज्यपाल से कराया जा रहा है. वे अपने पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं."

कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने राज्पाल की विशेष रिपोर्ट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि वे 'लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं करेंगे.'

उनका कहना था, ''दिल्ली में बैठे कांग्रेस के आका राज्यपाल का इस्तेमाल कर के संविधान विरोधी कार्रवाई कर रहे हैं. मैं लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं करुंगा.''

उधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों की दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक हुई है.

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