दाम बढ़ने का देशभर में विरोध

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन
Image caption दिल्ली में भाजपा कार्यतृकर्ताओं ने पेट्रोल की क़ीमत में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया.

पेट्रोल की क़ीमतों में पांच रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का देशभर में विरोध जारी है.

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को दिल्ली में कई जगहों पर चक्का जाम किया और केंद्र सरकार से पेट्रोल की बढ़ी क़ीमतों को वापस लेने की मांग की.

भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में 14 जगहों पर चक्का जाम किया, जिससे यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा.

चक्का जाम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़पें भी हुई और उन्होंने गिरफ्तारियां भी दीं.

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा, भाजपा दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष हर्षवर्धन और कई अन्य नेताओं ने जगह-जगह गिरफ़्तारियां दीं.

विजेन्द्र गुप्ता ने कहा, ‘‘पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के ख़त्म होने के साथ ही केंद्र की यूपीए सरकार ने पेट्रोल के दामों में वृद्धि कर लोगों पर बोझ डाल दिया है.’’

उन्होंने कहा कि ख़ुद को आम लोगों और ग़रीबों की सरकार बताने वाली यूपीए सरकार ने पेट्रोल की क़ीमत में पांच रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है.

'महंगाई का बम'

शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने भी पेट्रोल की क़ीमतों में हुए इज़ाफ़े की कड़ी आलोचना की है.

Image caption पंजाब में लोगों का विरोध प्रदर्शन

पार्टी के मुखपत्र सामना के पहले पन्ने पर एक बयान जारी कर बाल ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों की पीठ में छूरा घोंपा है.

उन्होंने कहा,''राज्यों में हुए चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक बाद कांग्रेस ने लोगों पर महंगाई का बम फेंका है.''

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अंत बहुत क़रीब है.

शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी और दूसरे कई संगठनों ने सोमवार को पूरे महाराष्ट्र में पेट्रोल की बढ़ी क़ीमतों के ख़िलाफ़ रैलियां निकालीं.

भाजपा ने रविवार को भी इस मुद्दे को लेकर पांच जगहों पर रैलियों का आयोजन किया था.

भाजपा के अलावा दूसरे विपक्षी दलों ने भी मूल्य वृद्धि का रविवार को कड़ा विरोध किया था.

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के पुतले फूंके.

साथ ही कार्यकर्ताओं ने भैसों से वाहन खिंचवाकर अनोखा प्रदर्शन किया.

लेकिन रविवार छुट्टी का दिन होने की वजह से लोगों को ज़्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा.

शनिवार रात बारह बजे से तेल कंपनियों ने पेट्रोल की क़ीमत पांच रुपए बढ़ा दिए थे.

पिछले एक साल में पेट्रोल की क़ीमत में 16 रुपए की बढ़ोतरी की गई है और समीक्षकों का अनुमान है कि इससे महंगाई और बढ़ेगी.

पिछले साल जून में केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत के हिसाब से पेट्रोल का दम तय करने की इजाज़त दे दी थी लेकिन डीज़ल, केरोसिन, और रसोई गैस की क़ीमत अब भी सरकार नियंत्रित करती है.

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