तेलंगाना पर तेलुगु देसम में घमासान

चंद्रबाबू नायडू
Image caption चंद्रबाबू नायडू के सामने पार्टी में एकता बनाए रखने की चुनौती है.

पृथक तेलंगाना राज्य की मांग के विषय पर प्रमुख विपक्षी दल तेलुगु देसम के भीतर संकट गहराता जा रहा है और पार्टी दो गुटों में बँट गई है.

इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी नेतृत्व ने तेलंगाना के एक वरिष्ठ नेता नागम जनार्धन रेड्डी को पार्टी से बाहर निकालने की तैयारी कर ली है.

टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू और उनके समर्थक नागम से नाराज़ हैं क्योंकि वे तेलंगाना राज्य की मांग को जोर-शोर से उठाते रहे हैं.

जबकि तेलुगु देसम पार्टी इस मांग को अनदेखा करने की नीति पर ही चलती रही है.

नागम रेड्डी की इस मांग ने पार्टी में हलचल मचा दी है कि चंद्रबाबू नायडू केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम को पत्र लिख कर तेलंगाना के मुद्दे पर पार्टी का रुख़ औपचारिक रूप से स्पष्ट करें.

चंद्रबाबू नायडू इस बात के लिए तैयार नहीं हैं और यही कहते रहे हैं कि आन्ध्र और तेलंगाना उनके लिए दो आँखों के सामान हैं और वे किसी एक को ज़्यादा और दूसरे को कम महत्व नहीं देंगे.

विद्रोह की शुरुआत

उधर नागम जनार्धन रेड्डी ने इस महीने की शुरुआत में एक जनसभा का आयोजन किया जिसमे तेलुगु देसम का झंडा नहीं फहराया गया.

इस जनसभा में तेलुगु देसम पार्टी के 17 तेलंगाना विधायक भी शामिल हुए थे.

इन घटनाओं से परेशान होकर तेलुगु देसम ने जनार्धन रेड्डी के खिलाफ़ कार्रवाई करने का मन बना लिया है.

नायडू समर्थकों के तेलंगाना फोरम ने अपनी बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर चंद्रबाबू नायडू से मांग की है कि वे नागम को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के एवज़ में उन्हें निलंबित करें.

हालांकि जनार्धन रेड्डी ने इस कदम को अनदेखा करते हुए सवाल किया है कि क्या उनकी ओर से तेलंगाना राज्य कि मांग करना कोई अपराध है.

उन्होंने कहा कि पहले भी तेलुगु देसम पार्टी तेलंगाना के समर्थन में एक प्रस्ताव पारित कर चुकी है अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल कर चुकी है.

जनार्धन रेड्डी ने कहा कि वे भी यही कर रहे हैं.

असमंजस में नायडू

उधर चंद्रबाबू नायडू और उनके समर्थकों को डर है कि तेलुगु देसम में तेलंगाना राज्य के लिए लड़ने का पूरा श्रेय जनार्धन रेड्डी ले रहे हैं.

Image caption तेलंगाना राज्य की मांग पर आंदोलन अभी जारी है.

इसी बात को ध्यान में रखते हुए अब टीडीपी तेलंगाना फोरम बुधवार को करीमनगर में एक सभा आयोजित करने जा रही है.

इस सभा का उद्देश्य जनता को भरोसा दिलाने का है कि नागम अकेले ही तेलंगाना के पक्षधर नहीं है.

हालांकि मंगलवार को तेलंगाना समर्थकों ने करीमनगर में टीडीपी के झंडे, पोस्टर और बैनर फाड़ दिए और चंद्रबाबू नायडू की तस्वीरों को भी हटाने की कोशिश की.

ओस्मानिया और काकतीय विश्वविद्यालय के छात्रों की संयुक्त संघर्ष समीति ने भी धमकी दी है कि वे तेलुगु देसम की जनसभा को बाधित करेंगे.

लेकिन चंद्रबाबू नायडू की दुविधा ये है की नागम जनार्धन रेड्डी के खिलाफ़ कार्रवाई करना उनके लिए आसान नहीं होगा.

टीडीपी के दो विधायक हरीश्वर रेड्डी और जोगु रमन्ना पहले ही कह चुके हैं की अगर नागम के खिलाफ़ कार्रवाई हुई तो वे उनका ही साथ देंगे.

ये पूरा घटनाक्रम उस समय हो रहा है जब आगामी शुक्रवार से हैदराबाद में तेलेगु देसम का वार्षिक अधिवेशन शुरू होने जा रहा है.

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