मनमोहन की दूसरी पारी का दूसरा साल पूरा

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार रविवार को अपने दूसरे कार्यकाल का दूसरा साल पूरा कर रही है.

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर सभी घटक दलों को रात्रिभोज पर आमंत्रित किया है. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सहयोगी दलों के नेता हिस्सा लेंगे.

इस मौके पर बढ़ती मंहगाई, 2जी स्पेक्ट्रम से लेकर राष्ट्रमंडल खेलों जैसे घोटालों पर सवालों से जूझ रही सरकार अपनी उपलब्धियों पर एक रिपोर्ट कार्ड जारी करेगी. इस रिपोर्ट कार्ड में सरकार विधानसभा चुनावों के परिणामों को अपने पक्ष में गिनाएगी.

जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी के बाद मनमोहन सिंह भारत के ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं जो अपने कार्यकाल का सातवां साल पूरा कर रहे है.

डीएमके की भागीदारी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में राजा और कनिमोड़ी की गिरफ़्तारी के साथ-साथ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि शायद करुणानिधि की पार्टी डीएमके इस रात्रिभोज में शामिल न हो.

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Image caption डीएमके की ओर से टी आर बालू रात्रिभोज में हिस्सा लेंगे

पर करुणानिधि ने चेन्नई में संवाददाताओं को बताया कि डीएमके की ओर से संसदीय दल प्रमुख टीआर बालू इसमें हिस्सा लेंगे.

करुणानिधि ने कहा कि सरकार में शामिल डीएमके के सभी मंत्री रात्रि भोज में हिस्सा नहीं लेंगे

इससे पहले, करुणानिधि ने इस भोज में शामिल होने के मुद्दे पर अन्य नेताओं के साथ बातचीत की थी.

पिछले हफ्ते शुक्रवार को करुणानिधि ने कहा था कि कांग्रेस के साथ रिश्ते कैसे हों इस पर डीएमके की आम परिषद फैसला करेगी.

सितारे गर्दिश में

डीएमके के सितारे गर्दिश में हैं.

Image caption भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा फ़िलहाल जेल में हैं.

काँग्रेस ने तमिलनाडु चुनाव में उसके साथ चुनाव लड़ा मगर अण्णा द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने उसका लगभग सफ़ाया कर दिया. इधर 2-जी घोटाले में करुणानिधि की बेटी और डीएमके सांसद कनिमोषि को अदालत ने जेल भेज दिया है, जिसके कारण करुणानिधि नाराज़ हैं. लेकिन ये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एकमात्र मुसीबत नहीं है. यूपीए सरकार की दूसरी पारी के पहले दो साल भारी उथल पुथल में ही गुज़रे. सरकार एक के बाद एक करके भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरती चली गई और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए अपने फ़ैसलों का बचाव करना मुश्किल हो गया. पिछले साल हुए राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में हुई ढिलाई के साथ ही सरकार की आलोचना का दौर शुरू हो गया था. लेकिन फिर करोड़ों के गोलमाल की ख़बरें मीडिया में छाने लगीं. राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के प्रमुख और काँग्रेस सांसद सुरेश कलमाड़ी और उनके सहयोगी अफ़सर फ़िलहाल तिहाड़ जेल में क़ैद हैं और तमाम आरोपों की जाँच चल रही है. लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की साफ़ सुथरी निजी छवि को धक्का तब लगा जब मोबाइल कंपनियों को 2-जी लाइसेंस देने की प्रक्रिया में लाखों करोड़ों के घोटाले का पर्दाफ़ाश हुआ.

सवाल दर सवाल

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Image caption पश्चिम बंगाल में तृणमूल की बी टीम बन कर रह गई है काँग्रेस.

सुप्रीम कोर्ट के कारण सरकार को दूरसंचार मंत्री ए. राजा को मंत्रिमंडल से हटाना पड़ा, लेकिन सवाल सभी ने उठाया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भ्रष्टाचार को नज़रअंदाज़ करते हैं, अन्यथा ए. राजा के ख़िलाफ़ बहुत पहले कार्रवाई हो जानी चाहिए थी. ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोड़ी भी फ़िलहाल तिहाड़ जेल में हैं. केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति में भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी चिदंबरम की बहुत किरकिरी हुई. पीजे टॉमस का नाम भ्रष्टाचार के आरोपों में आने के बाद भी प्रधानमंत्री ने उन्हें तब तक इस पद से नहीं हटाया जब तक अदालत ने उन्हें इसके लिए मजबूर नहीं कर दिया. इससे भी ये आरोप और पुष्ट हुए कि प्रधानमंत्री ख़ुद भले ही भ्रष्ट न हों, पर भ्रष्ट लोगों को नज़रअंदाज़ करते हैं.

विधानसभा चुनावों में काँग्रेस के लिए सबसे अच्छी ख़बर असम से आई जहाँ उसने तीसरी बार सरकार बनाई है और पश्चिम बंगाल में वो तृणमूल काँग्रेस के कंधे पर सवार होकर साढ़े तीन दशक के वनवास के बाद सरकार में शामिल होगी.

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