कनिमोड़ी से मिलने करूणा पहुंचे तिहाड़

कनिमोड़ी
Image caption कनिमो़ड़ी भी तिहाड़ जेल में हैं.

डीएमके प्रमुख करूणानिधि ने 2-जी घोटाले मामले में गिरफ़्तार अपनी पुत्री कनिमोड़ी से सोमवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल में मुलाक़ात की.

तिहाड़ जेल के महानिरिक्षक नीरज कुमार ने पत्रकारों से कहा कि परिवार वालों ने कनिमोड़ी से लगभग तीस मिनटों तक मुलाक़ात की.

करूणानिधि, उनकी पत्नी रजति अम्मल, कनिमोड़ी के पति अरविंदम और कनिमोड़ी के पुत्र आदित्य लगभग साढ़े पांच बजे तिहाड़ जेल पहुंचे और जेल उपनिरिक्षक के दफ़्तर में तीस मिनट तक कनिमोड़ी के साथ रहे.

लेकिन ख़बरों के अनुसार जैसे ही पिता-पुत्री आमने सामने हुए दोनों भावुक हो गए. करूणानिधि सोमवार सुबह चेन्नई से दिल्ली पहुंचे.

शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने 2-जी घोटाले में संदिग्ध कनिमोड़ी की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी और उन्हें तभी गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था.

इस बीच दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2-जी मामले में विभिन्न कंपनियों के पाँच अधिकारियों की ज़मानत याचिका सोमवार को ख़ारिज कर दी है.

कनीमोड़ी ने भी हाई कोर्ट में सोमवार को अपनी ज़मानत याचिका दायर की जिसपर उम्मीद है कि मंगलवार को सुनवाई होगी.

लेकिन माना जा रहा है कि कनीमोड़ी को भी फिलहाल शायद ही ज़मानत मिले. तीन दिन पहले ही कनिमोड़ी की ज़मानत याचिका सीबीआई की अदालत ने ख़ारिज की थी जिसके बाद उन्हें तिहाड़ भेज दिया गया था.

सोमवार को यूनिटेक, रिलायंस और कुछ अन्य कंपनियों के पाँच बड़े अधिकारियों की ज़मानत याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई थी लेकिन कोर्ट ने किसी को भी ज़मानत नहीं दी.

2-जी घोटाला मामले में यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा, रिलायंस एडीएजी के ग्रुप प्रबंध निदेशक गौतम दोषी, डीबी रिएलिटी के विनोद गोयनका और रिलायंस के हरि नायर और सुरेंद्र पिपारा जैसे बड़े नाम जेल में हैं और इन सभी ने ज़मानत के लिए हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी थी.

हाई कोर्ट में जस्टिस अजित बरिहोके की अदालत में याचिका पर सुनवाई हुई और न्यायाधीश ने कहा कि इन सभी की ज़मानत याचिका का कोई आधार नहीं है.

इन सभी ने सीबीआई कोर्ट के उस आदेश के विरोध में याचिका दायर की थी जिसमें उन्हें ज़मानत नहीं दी गई थी.

सीबीआई की तरफ से नियुक्त अभियोजन पक्ष के वकील यूयू ललित ने ज़मानत का विरोध किया और कहा कि 2-जी घोटाले में इन पांचों अधिकारियों को फायदा हुआ था और ये सभी षडयंत्र में शामिल थे.

इन पाँच बड़े कारपोरेट अधिकारियों के अलावा सीबीआई ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा, राज्यसभा सांसद कनिमोड़ी और कुछ अन्य लोगों को अभियुक्त बनाया है.

अभियुक्तों की सूची में हैं स्वान टेलिकॉम जिसके प्रमोटर हैं शाहिद बलवा, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहूरा, राजा के निजी सचिव आरके चंदोलिया, कुशेगांव फ्रूट एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड के आसिफ़ बलवा और राजीव अग्रवाल

इसके अलावा सिनेयुग फ़िल्म के करीम मोरानी और कलईगनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार भी अभियुक्तों की श्रेणी में हैं.

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