अब उधारी के कारण एयर इंडिया संकट में

एयर इंडिया इमेज कॉपीरइट AP
Image caption एयर इंडिया के विमान हर रोज़ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 320 उड़ानें भरते हैं

एयर इंडिया को विमानों के ईंधन की कमी के कारण शुक्रवार को कम-से-कम छह उड़ानों को रद्द करना पड़ा है.

तीन तेल कंपनियों ने एयर इंडिया को बकाया अदा ना करने तक ईंधन देने से मना कर दिया है.

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने एयर इंडिया को बक़ाया अदा करने का नोटिस जारी किया है.

हाल के समय में विमानों के ईंधन – एविएशन टर्बाइन फ़्यूल – की क़ीमत बढ़ने के कारण एयर इंडिया की अदायगी और अधिक हो गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने एयर इंडिया के अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि ईंधन की कमी के कारण जिन छह उड़़ानो को रद्द किया गया उनमें अधिकतर तिरूवनंतपुरम से रवाना होनेवाली उड़ानें थीं.

एयर इंडिया के विमान प्रतिदिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 320 उड़ानें भरते हैं.

तेल कंपनियों ने पिछले साल एयर इंडिया को रोज़ाना बिक्री के हिसाब से ईंधन की आपूर्ति करने का फ़ैसला किया था.

इस हिसाब से पिछले कुछ महीनों से एयर इंडिया प्रतिदिन इन कंपनियों को औसतन साढ़े 13 करोड़ रूपए अदा कर रहा था.

मगर अब ईंधन की कीमतों के बढ़ने के कारण तेल कंपनियाँ एयर इंडिया को अतिरिक्त भार वहन करने की माँग कर रही हैं.

कर्ज़

तेल कंपनियाँ एयर इंडिया से कह रही हैं कि वो पिछले बिल का 2400 करोड़ रूपए अदा करने के लिए एक योजना बनाए और भविष्य की ख़रीदों के लिए तत्काल भुगतान करे.

पीटीआई ने एक एयर इंडिया अधिकारी के हवाले से ख़बर दी है कि एयर इंडिया ने इस मामले को नागरिक विमानन मंत्रालय के समक्ष उठाया है.

मंत्रालय मार्च से लेकर अबतक इस बारे में दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ कम-से-कम दो दौर की बातचीत कर चुका है.

एयर इंडिया ने सरकार से आग्रह किया है कि वो तेल कंपनियों को ये कहे कि वो एयर इंडिया को भी निजी विमान कंपनियों की तरह से रियायती दर पर ईंधन दे.

मगर तेल कंपनियों का कहना है कि एयर इंडिया प्रबंधन केवल भविष्य में होनेवाली ख़रीद के बारे में बात कर रहा है और वो पुराने बकाए को अदा करने के बारे में कुछ नहीं कह रहा है.

एयर इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि सरकार को विभिन्न मदों के लिए एयर इंडिया को 450 करोड़ रूपए अदा करने हैं और यदि ये राशि मिल गई तो वो अपने कर्ज़ का एक बड़ा हिस्सा चुका देगा.

संबंधित समाचार