कनिमोड़ी: याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित

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Image caption कनिमोड़ी तिहाड़ जेल में हैं

टू जी स्पेक्ट्रम मामले में तिहाड़ जेल में बंद डीएमके सासंद कनिमोड़ी और कलंइज़र टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार की ज़मानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा है.

सीबीआई की एक विशेष अदालत ने कनिमोड़ी को 2 जी मामले में गिरफ़्तार कर 20 मई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. कनिमोड़ी और शरद कुमार ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.

सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में दावा किया है कि 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े 200 करोड़ रुपए कलैंग्नार टीवी तक पहुंचे और ये सब कनीमोड़ी के ज़रिए हुआ.

कनिमोड़ी पर पैसे के ग़ैर क़ानूनी लेन-देन का आरोप है. चार्जशीट में उन पर ये भी आरोप है कि ए राजा के साथ मिलकर उन्होंने कई कंपनियों को फ़ायदा पहुँचाया और वित्तीय लाभ उठाया.

जबकि कनिमोड़ी ने अपनी ज़मानत याचिका में कहा है कि कालिंगर टीवी को कोई रिश्वत नहीं मिली. और सिनेयुग से जो पैसा मिला वो एक ऋण था जिसे चुका दिया गया. कनिमोड़ी करीब दो हफ़्तों से जेल में हैं.

सुर्ख़ियों में मामला

सोमवार को सिनेयुग के संस्थापक करीम मोरानी का मामला भी पटियाला हाउस कोर्ट में था जहाँ उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी गई. करीम मोरानी टू जी मामले में सह अभियुक्त हैं. करीम मोरानी के वकील ने बताया कि उन्हें हिरासत में ले लिया गया है.

करीम मोरानी, शरद कुमार, कनिमोड़ी और टू जी मामले के अन्य सभी अभियुक्त लगातार सुर्ख़ियों में बने हुए हैं.

कनिमोड़ी के मामले को तो राजनीतिक हल्कों में तमिलानाडू विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और डीएमके के बदलते रिश्तों से जोड़कर भी देखा जा रहा है.

पिछले हफ़्ते जब करुणानिधि अपने बेटी से मिलने तिहाड़ जेल दिल्ली आए थे तो वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से नहीं मिले. जबकि आमतौर पर करुणानिधि दिल्ली प्रवास के दौरान सोनिया गांधी से अकसर ही मिलते हैं.

कभी सामाजिक कार्यों से जुड़ी कनिमोड़ी 2007 में राज्यसभा के लिए चुनीं गईं थी. उसी समय से वे लाइमलाइट में हैं.पिछले साल कई पत्र-पत्रिकाओं में नीरा राडिया और कनिमोड़ी के बीच कथित बातचीत के टेप जारी हुए थे. दावा किया गया था कि केंद्र में ए राजा को एक बार फिर दूरसंचार मंत्री बनाने के लिए लॉबिंग की जा रही थी.

अभी तो उनकी ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रखा गया है. कोर्ट के अगले फ़ैसले तक उन्हें अपने दिन जेल में ही काटने होंगे.

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