तेलंगाना मुद्दे पर मंत्री का इस्तीफ़ा

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Image caption तेलंगाना मुद्दे पर हाल के समय में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं

पृथक राज्य तेलंगाना की माँग पर कांग्रेस के लिए बढ़ती मुश्किलों का एक और संकेत मिला है जब राज्य के एक मंत्री जे कृष्ण राव ने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया.

तेलंगाना की स्थापना के लिए जल्द क़दम उठाने की माँग करते हुए उन्होंने राज्यपाल ई एस एल नरसिम्हन को अपना त्यागपत्र सौंप दिया.

तेलंगाना के महबूबनगर ज़िले से संबंध रखने वाले मंत्री ने कहा कि उन्होंने तीन मार्च को ही अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी को भिजवा दिया था.

लेकिन मुख्यमंत्री ने इस्तीफ़े को अब तक औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया था जिसके बाद उन्हें अब राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा देना पड़ा.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तो तेलंगाना राज्य बनाने पर दिसंबर 2009 में ही तैयार हो गई थी लेकिन आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों के मंत्रियों और विधायकों ने इस्ताफ़े की धमकी देकर उसे रुकवा दिया था.

उन्होंने कहा कि अगर उसी समय तेलंगाना के मंत्रियों ने भी इस्तीफ़ा दे दिया होता तो अब तक तेलंगाना बन चुका होता.

कृष्ण राव ने तेलंगाना राज्य के पक्ष में बुधवार से शुरू होने वाली अपनी पदयात्रा से एक दिन पहले ही इस्तीफ़ा देकर कांग्रेस पार्टी के अंदर हलचल मचा दी है.

कृष्ण राव ने दो सप्ताह पहले ही यह पदयात्रा शुरू की थी लेकिन उसी ज़िले की एक और मंत्री डी के अरुणा के विरोध के कारण उसे रोकना पड़ा़ था.

अब कृष्ण राव की पदयात्रा को कांग्रेस पार्टी के कई सांसदों का समर्थन भी मिला है.

दूसरे दल

इधर तेलंगाना के मुद्दे को लेकर दूसरे दलों में भी गठिविधियाँ तेज़ होने लगी हैं.

तेलुगु देसम के निलंबित नेता नागम जनार्धन रेड्डी ने अपनी भविष्य की कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है.

मंगलवार को तेलुगु देसम के तीन वरिष्ठ तेलंगाना विधायकों ने पार्टी की बैठक में हिस्सा लेकर पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं.

उनमें हरीश्वर रेड्डी, जोगु रमन्ना और वेणुगोपाल चारी शामिल हैं.

जनार्धन रेड्डी ने आरोप लगाया कि नायडू संयुक्त आंध्र प्रदेश के समर्थक और तेलंगाना राज्य के विरोधी है और तेलंगाना के जो नेता उनका साथ दे रहे हैं वे तेलंगाना द्रोही हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने भी करीमनगर जिले में तेलंगाना के पक्ष में एक बड़ी रैली आयोजित की जिसमें हजारों लोग उपस्थित थे.

लोक सभा में प्रतिपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार संसद के आगामी सत्र में तेलंगाना राज्य का बिल लाती है तो बीजेपी के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा उसका समर्थन करेगा.

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के विषय पर कांग्रेस पार्टी में एक असमंजस की स्थिति बनी हुई है और पार्टी कई टुकड़ों में बँट गई है.

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस चाहे तभी तेलंगाना राज्य बन सकता है लेकिन वो इस विषय पर लोगों को धोखा दे रही है.