अनशन का फ़ैसला वापस लेने से इनकार

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योग गुरु रामदेव का घोषित आमरण अनशन का फ़ैसला वापस करवाने को लेकर केंद्र सरकार एड़ी चोटी का ज़ोर लगाने में जुटी है.

बाबा रामदेव बुधवार को जब दिल्ली हवाईअड्डे पहुंचे तो उनकी मान मुन्नवल के लिए यूपीए सरकार के चार-चार मंत्री वहाँ मौजूद थे. केंद्रिय मंत्रियों कबिल सिब्बल, सुबोध कांत सहाय और पवन कुमार बंसल ने करीब ढाई घंटे तक हवाईअड्डे परिसर में ही बाबा रामदेव से मुलाक़ात की.

काले धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर बाबा रामदेव ने चार जून से आमरण अनशन पर जाने का फ़ैसला किया है. मंत्रियों से मुलाक़ात के बाद बाबा ने ये तो कहा कि पहले दौर की बातचीत सकारात्मक रही है पर अपना आंदोलन वापस लेने की बात उन्होंने नहीं की.

बाबा रामदेव ने कहा, "पहले दौर की बात सकारात्मक रही है. बातचीत आगे भी होगी. कुछ मुद्दों पर सहमति भी बनी है. लेकिन जब तक सभी मुद्दों पर 100 फ़ीसदी सहमति नहीं बनेगी और निर्णायक मोड़ पर बात नहीं पहुंचेगी तब तक सत्यग्रह जारी रहेगा. ये जंग बहुत बड़ी है. 64 बरसों से चले आ रहे सिस्टम को बलना आसान काम नहीं है. लेकिन हम ये काम कराएँगे."

बदला सुर

वहीं बाबा से बातचीत करने आए मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने बताया कि बाबा रामदेव ने राष्ट्रीय महत्व के कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं और सरकार इन पर ज़रूर ग़ौर करेगी.

लेकिन जब कपिल सिब्बल से पूछा गया कि क्या बाबा अपना आंदोलन वापस लेने पर राज़ी होंगे तो मंत्री ने इस सवाल का जबाव नहीं दिया.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी बाबा रामदेव से आंदोलन वापस लेने के लिए कह चुके हैं जिसे रामदेव ने ठुकरा दिया था. अब तक तो उनके तेवर काफ़ी कड़े रहे हैं लेकिन आज उनका सुर थोड़ा बदला सा ज़रूर नज़र आया. उन्होंने किसी पार्टी या नेता का नाम लेकर आलोचना करने से मना कर दिया.

उनका कहना था, "हमारा मकसद न किसी को डराना है और न ही किसी से डरना है. हमारी लड़ाई किसी पार्टी या व्यक्ति के ख़िलाफ़ नहीं है. हमारी लड़ाई जनहित में है. किसी की निंदा करना हमारा मकसद नहीं है."

फ़िलहाल तो बाबा रामदेव आमरण अनशन के अपने फ़ैसले पर अड़े हुए हैं. यूपीए सरकार के संकटमोचक प्रणब मुर्खजी भी बाबा को मनाने में लगे हैं. इसी साल अप्रैल में अन्ना हज़ारे ने भी दिल्ली में लोकपाल के मुद्दे पर आमरण अनशन किया था जिसे लोगों का काफ़ी समर्थन मिला था.

पहले से ही कई मोर्चों पर घिरी केंद्र सरकार दोबारा ऐसी सूरत का दोहराव नहीं चाहेगी. बाबा रामदेव को मनाने की कोशिशें इसी संदर्भ में देखी जा रही हैं.

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